नई दिल्ली। राज्यसभा में बुधवार को रिटायर हो रहे सदस्यों की विदाई का मौका भावुकता और सौहार्द का मिश्रण बन गया। गंभीर माहौल के बीच नेताओं के हल्के-फुल्के अंदाज ने सदन को मुस्कुराने का मौका भी दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में जहां राजनीति के सतत सफर की बात की, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का जिक्र करते हुए माहौल को हल्का कर दिया।
खड़गे ने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में लोग कभी थकते नहीं और सच में रिटायर भी नहीं होते, क्योंकि राष्ट्र सेवा की भावना उन्हें हमेशा आगे बढ़ाती रहती है। उन्होंने देवेगौड़ा के साथ अपने 54 साल से ज्यादा पुराने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि दोनों ने लंबे समय तक साथ काम किया है। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में तंज कसते हुए कहा, 'बाद में पता नहीं क्या हो गया, वो मोहब्बत हमारे साथ किए, शादी मोदी साहब के साथ।' उनके इस बयान पर सदन में ठहाके गूंज उठे, खासकर जब यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कही गई। खड़गे ने शायराना अंदाज में यह भी कहा 'विदाई तो है दस्तूर जमाने का पुराना, पर जहां भी जाना,
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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर हो रहे सांसदों को धन्यवाद देते हुए उनके योगदान की सराहना की। अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'राजनीति में फुल स्टॉप जैसी कोई चीज नहीं होती। भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है, और आपका अनुभव हमेशा हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा रहेगा।' पीएम के इस बयान ने विदाई को नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश से भर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने नए सांसदों को सलाह दी कि वे देवेगौड़ा, खड़गे और शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं से सीखें, जिन्होंने अपना अधिकांश जीवन संसदीय सेवा को समर्पित किया है। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का जिक्र करते हुए कहा, 'हमारे अठावले जी वास्तव में सदाबहार हैं। वह जा रहे हैं, फिर भी मुझे विश्वास है कि कोई खालीपन महसूस नहीं करेगा, वह लगातार सेवाएं देते रहेंगे।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ सेवानिवृत्त सदस्य पुराने और नए, दोनों संसद भवनों में काम कर चुके हैं, जो उनके अनुभव को और समृद्ध बनाता है।