‘10 रुपए का डायपर लीक नहीं होता, लेकिन...’NEET विवाद पर खान सर भड़के, बोले- NTA मतलब ‘Never Trustable Agency’

NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर मशहूर शिक्षक खान सर की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और आत्मविश्वास से जुड़ा मुद्दा है। खान सर ने NTA की कार्यप्रणाली, जांच एजेंसियों और पूरे परीक्षा सिस्टम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर दोषियों को सख्त सजा नहीं मिली तो भविष्य में भी ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
‘लाखों बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़’
खान सर ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों का मनोबल तोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र सालों मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो जाते हैं। उनके मुताबिक सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि 2024 में भी इसी तरह के आरोप सामने आए थे, लेकिन उससे कोई बड़ा सबक नहीं लिया गया।
‘बच्चों ने बताया कि पेपर लीक हुआ’
खान सर ने कहा कि इस मामले की जानकारी किसी एजेंसी ने नहीं दी, बल्कि छात्रों ने खुद सरकार तक यह बात पहुंचाई कि पेपर लीक हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन एजेंसियों को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें खुद ऐसी गड़बड़ियों का पता क्यों नहीं चल पाया।
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NTA पर साधा निशाना
खान सर ने NTA की व्यवस्था पर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आता कि एजेंसी को परीक्षा कराने के लिए बनाया गया है या पेपर लीक कराने के लिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि NTA का नाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं, बल्कि ‘नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी’ होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 10 रुपए का बच्चों का डायपर तक लीक नहीं होता, लेकिन इनका पेपर लीक हो जाता है।
‘CBI जांच में बहुत समय लग सकता है’
खान सर ने CBI जांच को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर मामला सिर्फ लंबी जांच में फंस गया तो छात्रों का पूरा करियर प्रभावित हो सकता है। उनके मुताबिक अगर जांच लंबी चली तो बच्चों का MBBS पूरा हो जाएगा, लेकिन जांच खत्म नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी की मांग
खान सर ने सुझाव दिया कि इस पूरे मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तय समय सीमा के अंदर दोषियों की पहचान होनी चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और राज्यों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
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प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट से दखल की मांग
खान सर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से दखल देना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी आगे आकर परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने की मांग की। उनके मुताबिक छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला होने के कारण इसमें तेज और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
‘पेपर लीक के बाद परीक्षा और कठिन बना दी जाती है’
खान सर ने दावा किया कि जब भी पेपर लीक होता है, उसके बाद अगली परीक्षा का स्तर बहुत कठिन कर दिया जाता है। उन्होंने 2024 के NEET और 1997 के IIT-JEE पेपर लीक मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि बाद में परीक्षा इतनी कठिन बनाई गई कि छात्रों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया।
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छात्रों में बढ़ रही चिंता
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र और अभिभावक चिंता में हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक मेहनत की, लेकिन पेपर लीक विवाद ने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर CBI जांच और दोबारा होने वाली परीक्षा पर टिकी हुई है।











