MP HighCourt :'बरगी कू्रज हादसा वाकई दुर्भाग्यपूर्ण था, भविष्य में दोबारा ऐसा न हो’ हाईकोर्ट का जनहित याचिका पर दखल से इनकार

पीपुल्स संवाददाता, जबलपुर। बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे को मप्र उच्च न्यायालय ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा निरूपित किया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने दो टूक कहा- इस हादसे को भूलकर हम भविष्य की ओर देखें और यही प्रार्थना करें कि ऐसा हादसा दोबारा न हो। दोषियों पर कार्रवाई को लेकर दाखिल की गई 3 जनहित याचिकाओं पर हस्तक्षेप से इनकार करके बेंच ने कहा- चूंकि मप्र के मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है
बेंच- आयोग के सामने पेश कर सकते हैं सुझाव
इसलिए अब इन मामलों पर आगे सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि बेंच ने याचिकाकर्ताओं को स्वतंत्रता दी है कि वे चाहें तो आयोग के समक्ष अपने सुझाव पेश कर सकते हैं। गौरतलब है कि लापरवाही के चलते हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस लापरवाही को चुनौती देकर भोपाल के कमल कुमार राठी, जबलपुर की गृहणी पुष्पा तिवारी और नानाजी देशमुख विश्वविद्यालय के रिटायर्ड वाइस चांसलर डॉ. जीपी मिश्रा की ओर से 3 जनहित याचिकाएं दाखिल करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की प्रार्थना की गई थी।
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वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने रखा याचिकाकर्ता का पक्ष
मामलों पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी, अधिवक्ता हरप्रीत सिंह गुप्ता व गोपेश यश तिवारी ने दलीलें रखीं। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने अदालत को बताया कि हादसे की जांच के लिए जस्टिस संजय द्विवेदी का न्यायिक आयोग गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि हादसे के विभिन्न पहलुओं पर आयोग विचार करेगा। इस बयान पर बेंच ने मामले पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।











