केतन अग्रवाल मर्डर केस:दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन, पोते के गम को नहीं सह पाए!

पुणे। केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है और कई ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जो इस केस को और भी गंभीर बना रहे हैं। इसी बीच अग्रवाल परिवार को एक और बड़ा सदमा लगा है। अग्रवाल के 71 वर्षीय दादा देवीचंद अग्रवाल का शनिवार शाम निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार के करीबी लोगों ने उनके निधन की पुष्टि की है। केतन की मौत के बाद से ही देवीचंद अग्रवाल गहरे सदमे में थे। वह अपने पोते के लिए इंसाफ चाहते थे और लगातार परिवार के साथ खड़े थे। कुछ ही दिन पहले उन्होंने केतन को न्याय दिलाने के लिए निकाले गए कैंडिल मार्च में भी हिस्सा लिया था। उस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उनके परिवार के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है और यह धोखा अपनों ने ही दिया है।
कैंडिल मार्च में छलका था दर्द
कैंडिल मार्च के दौरान देवीचंद अग्रवाल बेहद भावुक दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा था कि लड़की वालों से उनके परिवार के कई साल पुराने संबंध थे। उन्हें सब कुछ पता था, लेकिन फिर भी उन्होंने इस शादी को नहीं रोका। उनका कहना था कि लड़की पर दबाव डालकर शादी कराने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने मांग की थी कि इस मामले के दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने साफ कहा था कि दोनों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
अब उनके निधन के बाद परिवार का दुख और बढ़ गया है। पहले पोते की हत्या और अब परिवार के बुजुर्ग सदस्य की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सिया गोयल की चैट से हुआ नया खुलासा
इधर, पुलिस जांच के बीच एक नया खुलासा सामने आया है। आरोपी सिया गोयल की अपनी एक सहेली के साथ हुई स्नैपचैट बातचीत जांच एजेंसियों के हाथ लगी है। इस चैट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सिया ने अपनी सहेली से उदयपुर में होने वाली शादी के लिए फ्लाइट टिकट बुक करने की बात कही थी। इसके लिए उसने अपनी सहेली से आधार कार्ड की कॉपी भी मांगी थी। लेकिन इसी बातचीत में उसने एक ऐसा संदेश लिखा, जिसने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
बताया जा रहा है कि सिया ने लिखा था कि, मुझे अपना आधार कार्ड भेज दो ताकि मैं उस शादी के लिए तुम्हारी टिकट बुक कर सकूं, जो कभी होने ही नहीं वाली। यही लाइन अब पुलिस जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर सिया ने ऐसा क्यों लिखा था और क्या उसे पहले से पता था कि यह शादी नहीं होगी।
क्या पहले से रची गई थी पूरी साजिश?
पुलिस अब इस चैट को हत्या की साजिश से जोड़कर देख रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि हो सकता है शादी की तैयारियां सिर्फ दिखावे के लिए की जा रही हों, ताकि किसी को शक न हो और सबको लगे कि शादी तय समय पर होने वाली है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फ्लाइट टिकट बुक कराने की योजना कहीं लोगों को गुमराह करने की कोशिश तो नहीं थी। अगर ऐसा है, तो यह पूरी साजिश पहले से तैयार की गई हो सकती है। फिलहाल पुलिस इस पहलू पर गंभीरता से काम कर रही है और हर डिजिटल सबूत की जांच की जा रही है।
सहेली से भी होगी पूछताछ
जांच अधिकारी अब सिया गोयल की उस सहेली से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसके साथ यह चैट हुई थी। पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या उसे इस पूरी साजिश की पहले से कोई जानकारी थी या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि अगर सहेली को पहले से किसी योजना की जानकारी थी, तो उसकी भूमिका की भी जांच की जाएगी। वहीं अगर उसे कुछ भी पता नहीं था, तो उसकी गवाही जांच में अहम साबित हो सकती है।
हर नए सबूत को जोड़ रही है पुलिस
पुलिस इस मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की लगातार जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या से पहले क्या-क्या हुआ, किसने किससे बात की और किस मकसद से अलग-अलग कदम उठाए गए।
परिवार को अब सिर्फ इंसाफ का इंतजार
केतन अग्रवाल की हत्या ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। अब दादा देवीचंद अग्रवाल के निधन ने इस दुख को और गहरा कर दिया है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब केवल न्याय चाहिए। वे चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष हो और जो भी दोषी हो, उसे कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा मिले।
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल केस पर सभी की नजर बनी हुई है। हर दिन सामने आ रहे नए खुलासे जांच को नई दिशा दे रहे हैं। अब सबकी निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच के अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है।
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