केरल:पूर्व सीएम पिनाराई विजयन के घर ईडी की रेड, अधिकारियों और समर्थकों के बीच हुई धक्का-मुक्की; 10 ठिकानों पर छापेमारी

पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर ईडी की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। छापेमारी के बाद कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
ईडी कार्रवाई के बाद गरमाई सियासत
केरल में ईडी की कार्रवाई से सियासी माहौल गरमा गया है। पिनाराई विजयन के आवास पर अधिकारियों की मौजूदगी की खबर सामने आते ही CPI(M) कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। पार्टी समर्थकों ने इसे विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश बताया। राज्य में पहले से चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच यह मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया। विपक्षी दल भी इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: इंडियन कोस्ट गार्ड की बड़ी स्ट्राइक: गुजरात के मुंद्रा में 1150 करोड़ का कोकीन जब्त
आवास के बाहर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
छापेमारी खत्म होने के बाद जब ईडी अधिकारी बाहर निकलने लगे तो आवास के बाहर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कार्यकर्ताओं ने गेट के सामने नारेबाजी शुरू कर दी और अधिकारियों से सवाल पूछने लगे। कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। स्थानीय नेताओं और समर्थकों को शांत कराने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों को वहां से बाहर निकाला जा सका।
एमए बेबी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि देशभर में विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। बेबी ने दिल्ली के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में अदालतों ने राहत भी दी है। उनके मुताबिक यह कार्रवाई बीजेपी और आरएसएस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
वाम दलों का कहना है कि ईडी अब निष्पक्ष एजेंसी की तरह काम नहीं कर रही है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। CPI(M) कार्यकर्ताओं ने कई जगह विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं। नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद केरल में सियासी संघर्ष और तेज हो सकता है। राज्य में वाम मोर्चा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। पिनाराई विजयन राज्य की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं, ऐसे में उनके आवास पर हुई कार्रवाई का असर आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है।












