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शीतकाल के लिए बंद हुए बाबा केदार के कपाट, CM धामी भी हुए शामिल, 17 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

भाई दूज के पावन पर्व पर बाबा केदारनाथ के कपाट बंद कर दिए गए है। अब अगले 6 महिने बाबा की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में की जाएगी।
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शीतकाल के लिए बंद हुए बाबा केदार के कपाट, CM धामी भी हुए शामिल, 17 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    रुद्रप्रयाग। गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज के पर्व पर केदारनाथ मंदिर के कपाट सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए विधिविधान से बंद कर दिए गए। पूरे आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, केदारसभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, पुजारी बागेश लिंग, सहित कई पंडित और श्रद्धालु मौजूद रहे।

    चारों तरफ गूंजा "हर हर महादेव"

    कपाट बंद होने से पहले, केदारनाथ भगवान की चलविग्रह पंचमुखी डोली को मंदिर के सभामंडप से बाहर लाया गया। इसके बाद डोली को मंदिर की परिक्रमा कराई गई, और जयकारों के साथ मंदिर के कपाट बंद किए गए। इस दौरान पूरे केदारघाटी में "हर हर महादेव" के जयकारे गूंजते रहे।

    17 भक्तों ने किए बाबा के दर्शन

    इस साल 17 लाख से अधिक भक्तों ने केदारनाथ मंदिर के दर्शन किए। केवल बुधवार को ही 5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे थे। कपाट बंद होने के बाद, बाबा केदार की डोली रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। अब अगले छह महीने तक बाबा केदार की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में की जाएगी।

    17 नवंबर को बंद होंगे बद्रीनाथ मंदिर के कपाट

    आज दोपहर 12:30 बजे, यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी विधिविधान से बंद होंगे। इसके बाद, मां यमुना की उत्सव मूर्ति के दर्शन खरसाली गांव में होंगे। वहीं, गंगोत्री मंदिर के कपाट शनिवार को बंद किए गए थे, और बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 17 नवंबर को बंद होंगे।

    Priyanshi Soni
    By Priyanshi Soni

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