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कवर्धा में आज 150 साल पुरानी खप्पर यात्रा, CCTV-ड्रोन से पहरा,चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर

महाअष्टमी की मध्यरात्रि तीन देवी मंदिरों से निकलेगी ऐतिहासिक यात्रा, पारंपरिक मार्ग पर उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब; ट्रैफिक डायवर्जन और सोशल मीडिया पर भी रहेगी निगरानी,कवर्धा में 19 और 20 अक्टूबर की मध्यरात्रि करीब 150 साल पुरानी ऐतिहासिक खप्पर यात्रा निकाली जाएगी। मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिर से निकलने वाली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
कवर्धा में आज 150 साल पुरानी खप्पर यात्रा, CCTV-ड्रोन से पहरा,चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर

रायपुर/ कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा में 150 साल पुरानी ऐतिहासिक खप्पर यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट है। 19 और 20 अक्टूबर की मध्यरात्रि को तीन देवी मंदिरों से निकलने वाली इस यात्रा पर CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के बीच श्रद्धालु माता के दर्शन करेंगे।

खप्पर यात्रा पर हाई अलर्ट

छत्तीसगढ़ के कवर्धा में करीब 150 साल पुरानी ऐतिहासिक देवी खप्पर यात्रा को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। शारदीय नवरात्रि में 19 और 20 अक्टूबर की मध्यरात्रि को निकलने वाली इस पारंपरिक यात्रा के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा, वहीं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू किया जाएगा।

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तीन देवी मंदिरों से निकलेगी अलौकिक खप्पर यात्रा

परंपरा के अनुसार, महाअष्टमी की मध्यरात्रि को मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिर से खप्पर यात्रा निकाली जाती है। इस दौरान पुजारी एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में जलता हुआ अग्नि खप्पर लेकर नगर भ्रमण करते हैं। मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच निकलने वाली यह यात्रा कवर्धा की विशिष्ट धार्मिक परंपराओं में शामिल है।

तलवार, अग्नि खप्पर और जयकारे… आस्था का अनूठा नजारा

धार्मिक मान्यताओं में खप्पर को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति और नगर की खुशहाली की कामना करते हैं। नगर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और माता के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो जाता है। रियासतकाल से चली आ रही यह परंपरा आज भी कवर्धा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है।

इन प्रमुख मार्गों से गुजरेगी खप्पर यात्रा

खप्पर यात्रा अपने पारंपरिक मार्ग से नगर भ्रमण करेगी। निर्धारित मार्ग में पाली पारा, ठाकुर पारा, ऋषभदेव चौक, जयस्तंभ चौक, डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक, मां महामाया मंदिर, भोजली तालाब, रानी दुर्गावती चौक, राजमहल चौक, शीतला चौक, करपात्री चौक और कचहरी पारा सहित प्रमुख स्थान शामिल हैं। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु खप्पर के दर्शन करेंगे। नगर भ्रमण पूरा होने के बाद यात्रा मंदिर परिसर में संपन्न होगी।

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CCTV-ड्रोन से निगरानी, सुरक्षा घेरे में रहेंगे प्रमुख स्थान

श्रद्धालुओं की भीड़ और आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी। पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहेंगी।

ट्रैफिक डायवर्जन लागू, वाहन चालकों के लिए जरूरी अपील

खप्पर यात्रा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए निर्धारित मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की जा सकती है तथा रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से यात्रा मार्ग पर वाहन खड़ा नहीं करने और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं से शांति और व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया गया है।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर

धार्मिक आयोजन के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पर भी निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट सूचनाएं साझा नहीं करने और किसी भी संदेश की सत्यता जांचने के बाद ही उसे आगे भेजने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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कवर्धा की पहचान है 150 साल पुरानी परंपरा

खप्पर यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कवर्धा की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है। हर साल नवरात्रि के दौरान इस परंपरा को देखने और माता का आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर विशेष उत्साह है। आस्था के इस ऐतिहासिक आयोजन के बीच पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण आयोजन, सुरक्षित आवागमन और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...

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