छिंदवाड़ा में श्रीरामलीला का मंचन जारी, चौदहवें दिन हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने की लीला का हुआ मंचन

छिंदवाड़ा। शहर में श्रीरामलीला मंडल की ओर से आयोजित 14 दिवसीय श्रीरामलीला मंचन के चौदहवें दिन लक्ष्मण-अकम्पन युद्ध, मेघनाथ द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित करने और हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने की लीला का मंचन किया गया। मंडल के संरक्षक राजू चरणागर के मुताबिक, प्रतिदिन दर्शकों की संख्या और उत्साह बढ़ रहा है। नई साज-सज्जा भी लोगों को आकर्षित कर रही है। वहीं दशहरा विजय जुलूस के मार्ग में बदलाव किया गया है। मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि 20 अक्टूबर, मंगलवार को छोटी बाजार से निकलने वाला जुलूस निर्धारित नए मार्ग से दशहरा मैदान पहुंचेगा, जहां शाम 6:30 बजे 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
लक्ष्मण-अकम्पन युद्ध और संजीवनी बूटी की लीला का मंचन
श्रीरामलीला के मुख्य निर्देशक श्रान्त चंदेल ने बताया कि युद्ध प्रसंग में लक्ष्मण और अकम्पन के बीच घनघोर युद्ध हुआ, जिसमें लक्ष्मण जी ने अकम्पन का वध किया। इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच युद्ध हुआ। मेघनाथ ने ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर लक्ष्मण जी को मूर्छित कर दिया। इसके बाद हनुमान जी सुषेण वैद्य के परामर्श पर संजीवनी बूटी लेने गए। मार्ग में उन्होंने कालनेमि का वध किया। वापस लौटते समय हनुमान जी की भरत जी से भेंट हुई, जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर छावनी पहुंचे और सुषेण वैद्य के उपचार से लक्ष्मण जी की मूर्छा दूर हुई। निर्देशक के अनुसार अगली लीला में कुंभकर्ण वध और मेघनाथ वध के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
कलाकारों ने निभाईं प्रमुख भूमिकाएं
सहनिर्देशक नरेंद्र चंदेल ने बताया कि चौदहवें दिन श्रीराम की भूमिका रजत पांडेय, लक्ष्मण की आयुष शुक्ला, हनुमान की संतोष कुशवाह और भरत की ऋषभ स्थापक ने निभाई। इसके अलावा अंगद की भूमिका पार्थ द्विवेदी, जामवंत की सतीश विश्वकर्मा, रावण की जितेंद्र सोनी, मेघनाथ की उत्तम सोनो, विभीषण की नीरज चौरसिया, अकम्पन की युवराज विश्वकर्मा और वैद्य की भूमिका पवन नेमा ने निभाई।
दशहरा विजय जुलूस का रूट बदला
श्रीरामलीला मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि रविवार शाम छोटी बाजार में दशहरा विजय जुलूस के मार्ग को लेकर बैठक आयोजित की गई। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से रूट बदलने का निर्णय लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजय जुलूस छोटी बाजार से निकलकर मेन रोड, गोलगंज और फव्वारा चौक होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगा। यहां शाम 6:30 बजे 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
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इन मार्गों से वापस छोटी बाजार पहुंचेगा जुलूस
रावण दहन के बाद विजय जुलूस दशहरा मैदान से पांडे नर्सिंग होम, राज्यपाल चौक, पाटनी टॉकीज, बुधवारी और पुराना छापाखाना होते हुए वापस छोटी बाजार पहुंचेगा।




















