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यमन में फिर भड़की जंग! मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, 20 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

यमन के शबवा प्रांत में सैन्य प्रशिक्षण केंद्र पर हूतियों के बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 20 लड़ाकों की मौत और दो दर्जन से अधिक सैनिकों के घायल होने की खबर है। वहीं, सऊदी हवाई हमले में नौ लोगों की मौत का दावा किया गया है। ताइज में संघर्ष तेज है और संयुक्त राष्ट्र ने भोजन की कमी को लेकर चेतावनी दी है।
यमन में फिर भड़की जंग! मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, 20 की मौत, 24 से ज्यादा घायल
यमन में थम नहीं रही जंग, मिसाइल हमले में 20 की मौत; संयुक्त राष्ट्र ने दी चेतावनी

यमन में सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। शबवा प्रांत में एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। यमन की सरकार ने इस हमले में 20 लड़ाकों की मौत होने की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, हमले में कम से कम तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इस घटना में दो दर्जन से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद मौके पर मलबा और सैनिकों का निजी सामान बिखरा मिला। अधिकारियों ने इसे हाल के दिनों में हुए सबसे घातक हमलों में से एक बताया है। इस घटना के बाद यमन में जारी संघर्ष और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सैन्य प्रशिक्षण केंद्र को बनाया निशाना

यमन के शबवा प्रांत में स्थित सैन्य प्रशिक्षण केंद्र पर हुए इस हमले में कम से कम तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की जानकारी सामने आई है। यमन की सरकार ने इसके लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों के अनुसार, हमले में 20 लड़ाकों की मौत हुई, जबकि कम से कम दो दर्जन सैनिक घायल हुए हैं। हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में घटनास्थल पर भारी नुकसान दिखाई दिया। जमीन पर मलबा और कई निजी सामान बिखरे नजर आए। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। इससे पहले भी देश के अलग-अलग इलाकों में हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आती रही हैं।

सऊदी अरब के हवाई हमले में 9 लोगों की मौत का दावा

यमन में संघर्ष के बीच सऊदी अरब की ओर से किए गए हवाई हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत होने की खबर भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में पांच बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि सप्ताह के आखिर तक हुए कई हमलों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए। हालांकि, इन आंकड़ों और घटनाओं की पूरी स्वतंत्र पुष्टि के बारे में जानकारी सीमित है। लगातार हो रहे हमलों का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। संघर्ष वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचना, जरूरी सामान जुटाना और रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल हो रहा है।

ताइज प्रांत में भी तेज हुई लड़ाई

यमन के ताइज प्रांत में भी सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी है। यमन की सरकार का दावा है कि उसकी सेनाओं ने सनमत इलाके पर दोबारा कब्जा कर लिया है। इसके बाद सरकारी सेना मिसराख क्षेत्र की ओर बढ़ रही है। दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों की गोलीबारी में एक आम नागरिक की मौत और पांच अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। हूती सेनाएं ताइज शहर को घेरने की कोशिश कर रही हैं। यह शहर यमन की सरकार का एक महत्वपूर्ण गढ़ माना जाता है। ताइज में जारी संघर्ष से स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यदि लड़ाई और तेज होती है, तो वहां रहने वाले लोगों को भोजन, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाएं मिलने में और परेशानी हो सकती है।

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भोजन और पानी की आपूर्ति पर संकट

यमन में जारी लड़ाई के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भोजन की आपूर्ति कम होने को लेकर चेतावनी दी है। स्थानीय सरकार ने हूती विद्रोहियों पर पानी के टैंकरों की आवाजाही रोकने का आरोप भी लगाया है। यदि पानी और भोजन की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को ऐसी परिस्थितियों में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। यमन पहले से ही लंबे समय से संघर्ष और मानवीय संकट का सामना कर रहा है। लगातार हमलों के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। भोजन और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों की कमी इस संकट को और गंभीर बना सकती है।

2022 के सीजफायर के बाद भी जारी है संघर्ष

यमन में सऊदी अरब समर्थित सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। वर्ष 2022 में संघर्ष विराम की पहल हुई थी, लेकिन इसके बाद भी देश में तनाव और हिंसा पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। समय-समय पर होने वाले हमलों से शांति बहाल करने की कोशिशों को झटका लगता रहा है। शबवा में सैन्य प्रशिक्षण केंद्र पर हुआ ताजा मिसाइल हमला भी इसी तनाव की गंभीरता को दिखाता है। फिलहाल यमन के अलग-अलग इलाकों में लड़ाई, जवाबी हमलों और आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे हालात में आम लोगों की सुरक्षा और उन्हें भोजन-पानी जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यमन के मानवीय हालात को लेकर चिंता बनी हुई है।ो

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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