सिंहस्थ के 20 हजार करोड़ के कामों की डेडलाइन तय, नवंबर में सभी पेंडिंग मंजूरियां लेना जरूरी

भोपाल। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए हैं। लंबित स्वीकृतियां नवंबर में अनिवार्य रूप से प्राप्त करनी होंगी। सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में जरूरी अधिकारियों-कर्मचारियों की पदस्थापना इसी सप्ताह करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को उज्जैन में समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की संख्या के अनुमान के आधार पर यातायात, पार्किंग, ठहरने, पेयजल और सीवरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों का विकास प्राथमिकता से हो।
मुख्यमंत्री ने ये प्रमुख निर्देश दिए
ठहरने की व्यवस्था: स्कूल-कॉलेजों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने, टेंट सिटी, होम-स्टे और होल्डिंग एरिया की संभावनाएं तलाशें।
पार्किंग और बिजली: पर्यटन एवं पुलिस विभाग संयुक्त कार्ययोजना बनाएं। विद्युत वितरण कंपनी में पृथक सिंहस्थ डिवीजन स्थापित किया जाए।
व्यापारियों का पुनर्वास: सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित बर्तन तथा सोना-चांदी के कारोबारियों के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करें। नजर अली मिल और कवेलू कारखाना क्षेत्र में विक्रम क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर बाजार बनाने की संभावना तलाशें।
काम में तेजी: निर्माण पूरा होते ही सुविधाएं आमजन के उपयोग के लिए खोली जाएं।
आंकड़ों में सिंहस्थ-2028
- 175 निर्माण कार्य प्रगतिरत
- करीब 20,000 करोड़ रुपये कुल लागत
- 51 कार्य दिसंबर 2026 तक पूरे करने का लक्ष्य
- 36 कार्य जनवरी-मार्च 2027
- 61 कार्य अप्रैल-जून 2027
- 23 कार्य जुलाई-अक्टूबर 2027




















