MP के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश, अगले 4 दिन फिर बरसेंगे बादल

MP Weather Update: मध्य प्रदेश में सितंबर की शुरुआत भी बारिश के साथ हुई है। प्रदेश में अब तक मानसून की करीब 74% बारिश हो चुकी है। अगस्त में अच्छी बारिश के बाद अब सितंबर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों में अति भारी बारिश का भी अलर्ट है।
4 सितंबर तक कई हिस्सों में बरसेंगे बादल
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और ट्रफ के असर से प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 1 और 2 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का जोर ज्यादा रहेगा। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 4 सितंबर को सिस्टम पश्चिमी और मध्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा, जिससे उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के कई जिलों में तेज बारिश के आसार हैं।
उमरिया और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर बना रहेगा।
मैहर में 1 सितंबर को स्कूल बंद
लगातार बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए मैहर जिले में 1 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार देर रात इसका आदेश जारी किया।
डैमों में बढ़ा पानी, बड़ा तालाब फुल होने के करीब
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से डैमों में भी पानी की स्थिति बेहतर हुई है। कई जलाशयों में पानी 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कुछ डैमों के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जलाशयों की स्थिति अभी उतनी बेहतर नहीं है। भोपाल के बड़े तालाब में पानी का लेवल 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट नीचे है। तालाब पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर बढ़ेगा।
अब तक 27.7 इंच बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी यानी करीब 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह सामान्य बारिश के मुकाबले अभी करीब 3.1 इंच कम है। प्रदेश में इस अवधि तक सामान्य बारिश करीब 30.8 इंच होनी चाहिए थी। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश करीब 5 प्रतिशत कम है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 15 प्रतिशत तक है।
39 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के कई जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 5 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश सामान्य से कम रही है। पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान रहा है। अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून में कम बारिश ने बढ़ाई कमी
मध्य प्रदेश में मानसून की शुरुआत कुछ कमजोर रही थी। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक देखने को मिला। जुलाई के आखिरी दिनों में फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ और बारिश का दौर शुरू हुआ। अगस्त में भी अच्छी बारिश हुई, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
सितंबर में पूरी हो सकती है बारिश की कमी
प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच है। अब तक 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। सितंबर में करीब 9.6 इंच और बारिश होने पर प्रदेश सामान्य बारिश के आंकड़े को पार कर सकता है। अगले चार दिनों में जिस तरह से कई जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अनुमान है, उससे बारिश के आंकड़े में तेजी से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।




















