कटनी में कीचड़ और दलदल से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर बेटियां, हादसों के साये में बचपन

कटनी। जिले में इस मानसून की बारिश ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बुनियादी ढांचे से जुड़े तमाम दावों की हवा निकाल दी है। जिले के दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों विजयराघवगढ़ और बड़वारा से बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं। आजादी के सात दशक बाद भी पक्की सड़क न होने के कारण यहाँ के ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
केस-1: विजयराघवगढ़ की मथुरा कॉलोनी में कीचड़ का साम्राज्य, छात्राएं हो रहीं चोटिल
विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हदरहटा स्थित मथुरा कॉलोनी में हालात बेहद विकराल हैं। भारी बारिश के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल चुका है, जिससे दोपहिया वाहनों का निकलना भी हादसों को बुलावा देना जैसा है। हाल ही में सड़क पर फिसलकर चोटिल हुई स्कूली बच्चियों ने एक वीडियो जारी कर अपना दर्द बयां किया है। छात्राओं का कहना है कि ‘सड़क पर इतना कीचड़ है कि हम आए दिन गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कपड़े खराब हो जाते हैं और चोट लगने से पढ़ाई का नुकसान होता है। अगर सड़क जल्द नहीं बनी, तो हमारी शिक्षा पूरी तरह ठप हो जाएगी।’
केस 2 : बड़वारा में एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती, निजी जमीन के पेंच में फंसा विकास
बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरेली रामपुर के आश्रित गांव पड़रिया का है। लगभग 100 लोगों की आबादी वाले इस गांव की 1 से 1.5 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह कच्ची है। बारिश में एंबुलेंस न पहुंच पाने के कारण गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य मार्ग तक पहुँचाना पड़ता है। ग्राम पंचायत की सरपंच सरोज त्रिपाठी के अनुसार, सड़क के रास्ते में लगभग 40 से 50 किसानों के खेत आ रहे हैं, जिनमें से 5 किसानों की निजी जमीन के कारण भू-स्वामी अपनी सहमति नहीं दे रहे हैं। इसी पेंच की वजह से निर्माण कार्य अटका हुआ है।
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वैकल्पिक व्यवस्था जल्द बनाने की तैयारी
‘पड़रिया गांव की समस्या और स्कूली बच्चों की कठिनाइयों का मामला संज्ञान में आया है। निजी भूमि के स्वामित्व और सहमति के मुद्दे पर जल्द ही संबंधित पक्षों से वार्ता की जाएगी। हमारी प्राथमिकता है कि कोई वैकल्पिक या स्थायी व्यवस्था जल्द से जल्द बनाई जाए ताकि बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों का आवागमन सुचारू हो सके।’
निधि गोहल, एसडीएम
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