रतलाम हादसा:‘पुलिस’कार बनी वजह, सड़क हादसे ने छीना एक जिंदगी, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम

रतलाम। महू-नीमच फोरलेन पर सामने आए इस दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक पुलिस लिखी कार की टक्कर से एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें से एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग उठाई है, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
महू-नीमच फोरलेन पर दर्दनाक सड़क हादसा
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में महू-नीमच फोरलेन के पलदुना फंटे पर गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक पुलिस लिखी कार ने लापरवाही से चलते हुए एक ही परिवार के तीन लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान इंदौर में मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में तनाव और गुस्सा फैल गया।
एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय मुकेश कुमावत अपनी स्कूटी से जा रहे थे। उनके साथ पीछे 69 वर्षीय मांगीलाल कुमावत बैठे थे। वहीं, परिवार के ही 55 वर्षीय एक अन्य सदस्य पैदल उसी दिशा में जा रहे थे। तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने पहले स्कूटी सवार दोनों को टक्कर मारी और फिर कुछ दूरी पर पैदल जा रहे व्यक्ति को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
ये भी पढ़ें: राजा रघुवंशी केस: शिलॉन्ग छोड़ने को सोनम बेताब, कोर्ट में अर्जी
इलाज के दौरान एक की मौत से बढ़ा आक्रोश
हादसे के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। मुकेश कुमावत की हालत गंभीर होने पर उन्हें इंदौर रेफर किया गया, जहां शुक्रवार दोपहर उनकी मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
फोरलेन पर प्रदर्शन और अंतिम संस्कार की तैयारी
घटना के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीणों ने फोरलेन सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने सड़क किनारे टेंट लगा दिए और वहीं अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर ली। लकड़ियां और कंडे मंगवाकर लोग विरोध जताने लगे। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली।
पुलिस लिखी कार और चालक पर सवाल
इस हादसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस लिखी कार आखिर किसकी थी और उसे कौन चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार में एक एएसआई रैंक का पुलिसकर्मी मौजूद था, जबकि ड्राइविंग सीट पर उसका बेटा था। हादसे के बाद कार में सवार लोग मौके से फरार हो गए, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक आधिकारिक तौर पर चालक की पहचान सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों की 1 करोड़ मुआवजे की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि इस फंटे पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही इस स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई गई है।
हादसों से नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले भी कई दर्दनाक हादसों का गवाह बन चुका है। पिछले एक साल में यहां कई लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ये भी पढ़ें: भोपाल के चौराहों पर लेफ्ट टर्न बने मुसीबत: पुलिस सहायता केंद्रों से बढ़ रहा जाम, फुटपाथ भी कब्जे में











