OPERATION TALENT HUNT: एक गलती ने खोला राज, फर्जी पहचान के साथ छिपा सलीम डोला पकड़ा गया

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहा सलीम डोला, जो दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से जुड़ा बताया जाता है, आखिरकार ऑपरेशन ग्लोबल हंट के तहत पकड़ लिया गया है। कई सालों से वह भारत और इंटरपोल की एजेंसियों को चकमा देता आ रहा था और तुर्की के इस्तांबुल में फर्जी पहचान के साथ छिपकर रह रहा था। पूरी तरह से खुद को बाहरी दुनिया से अलग कर लेने के बावजूद उसकी एक छोटी सी गलती ने उसके ठिकाने का खुलासा कर दिया, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।
ड्रग नेटवर्क का बड़ा चेहरा पकड़ा गया
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के बड़े नाम और दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से जुड़े सलीम डोला को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी सफलता हासिल की है। वर्षों से फरार चल रहा यह अपराधी लंबे समय से भारत और अन्य देशों की जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था। लेकिन अब एक संयुक्त अभियान के तहत उसे पकड़ लिया गया है, जिससे उसके पूरे नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
इस्तांबुल में छिपकर रह रहा था डोला
जानकारी के अनुसार सलीम डोला भारत से फरार होकर तुर्की के इस्तांबुल में छिपकर रह रहा था। वहां उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी और एक नए नाम से फर्जी दस्तावेजों के साथ जीवन जी रहा था। बताया जाता है कि वह पिछले डेढ़ साल से अपने ठिकाने से बाहर नहीं निकलता था और बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म कर चुका था ताकि किसी भी तरह उसकी लोकेशन का पता न चल सके।
फर्जी पहचान और बंद जीवन
जांच एजेंसियों के अनुसार डोला ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए बुल्गारियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल किया और खुद को ‘हमजा’ नाम से पेश कर रहा था। उसने पूरी तरह डिजिटल और बाहरी संपर्क से दूरी बना ली थी। न फोन, न सोशल मीडिया और न ही किसी व्यक्ति से सीधा संपर्क, ताकि वह एजेंसियों की नजर से बच सके।
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एक छोटी गलती बनी गिरफ्तारी की वजह
कई सालों तक सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के बाद आखिरकार डोला की एक छोटी सी गलती ने उसे पकड़वा दिया। बताया जा रहा है कि उसने अपने ठिकाने पर एक कोरियर मंगवाया, जो उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। इसी डिलीवरी ट्रैकिंग के जरिए भारतीय एजेंसियों ने इंटरपोल की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया और ऑपरेशन को आगे बढ़ाया।
छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज
सूचना मिलते ही तुर्की पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से तीन पासपोर्ट बरामद हुए, जिनमें एक बुल्गारियाई और दो भारतीय पासपोर्ट शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि वह फर्जी पहचान के जरिए कई देशों में आवाजाही कर रहा था और अपने नेटवर्क को सक्रिय बनाए हुए था।
ऑपरेशन ग्लोबल हंट और भारत वापसी
इस कार्रवाई के बाद भारत और तुर्की के बीच समन्वय से ऑपरेशन ग्लोबल हंट शुरू किया गया। दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है, इसके बावजूद कूटनीतिक प्रयासों और जांच एजेंसियों की सक्रियता से उसे भारत लाने में सफलता मिली। यह पूरी कार्रवाई लंबे समय से चल रही निगरानी और खुफिया जानकारी पर आधारित थी।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर असर
सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम के ड्रग नेटवर्क का अहम ऑपरेटर माना जाता था। उसका नेटवर्क कई देशों तक फैला हुआ था और सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई में उसकी बड़ी भूमिका बताई जाती है। एजेंसियों का मानना है कि उसके पकड़े जाने से इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह की कमर टूट सकती है।
परिवार और सहयोगियों पर भी कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया है कि उसका परिवार भी इस अवैध कारोबार में शामिल था। इससे पहले उसके बेटे ताहिर डोला को भी संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था। इसके अलावा उसके कई सहयोगियों को भी अलग अलग देशों से गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे पूरे नेटवर्क पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
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