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Kamali Mandir:कमाली माता मंदिर की जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का विरोध, सांसद आलोक शर्मा बोले- आस्था से नहीं होगा समझौता!

भोपाल के ऐतिहासिक कमाली माता मंदिर की भूमि पर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को लेकर विवाद गहरा गया है। सांसद आलोक शर्मा ने धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन से मुलाकात कर मंदिर की जमीन पर किसी भी तरह के व्यावसायिक निर्माण का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि मंदिर की आस्था और धार्मिक पहचान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कमाली माता मंदिर की जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का विरोध, सांसद आलोक शर्मा बोले- आस्था से नहीं होगा समझौता!
कमाली माता मंदिर की भूमि पर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को लेकर विवाद

भोपाल। राजधानी भोपाल के करीब 100 साल पुराने कमाली माता मंदिर की भूमि पर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने धर्मगुरुओं, संत-महात्माओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा। सांसद ने कहा कि मंदिर सिर्फ पूजा का स्थान नहीं बल्कि शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। उन्होंने प्रशासन से मंदिर की जमीन पर किसी भी व्यावसायिक निर्माण को रोकने और उसकी पवित्रता बनाए रखने की मांग की।

 

मंदिर की जमीन पर निर्माण का किया विरोध

सांसद आलोक शर्मा ने बैठक के दौरान कहा कि कमाली माता मंदिर लंबे समय से भोपाल के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है।

 

 ऐसे में मंदिर की भूमि का किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा। उनका कहना था कि मंदिर की पहचान और धार्मिक महत्व को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।

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धर्मगुरुओं और समाज ने जताई आपत्ति

बैठक में मौजूद धर्मगुरुओं, संत-महात्माओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी मंदिर की भूमि पर किसी भी प्रकार के व्यावसायिक निर्माण का विरोध किया।

 उनका कहना था कि कमाली माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी जमीन का उपयोग धार्मिक स्वरूप के अनुरूप ही होना चाहिए।

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प्रशासन से की धार्मिक स्वरूप बनाए रखने की मांग

सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन लोगों की भावनाओं को समझते हुए ऐसा फैसला करेगा, जिससे मंदिर की गरिमा और धार्मिक महत्व पर कोई असर न पड़े। उन्होंने कहा कि समाज की आस्था का सम्मान हर हाल में होना चाहिए।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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