कमल हासन ने कहा- मुख्यमंत्री विजय को जज करने की जल्दबाजी नहीं करें, 6 महीने का समय तो दें

चेन्नई/मदुरै। तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की एंट्री सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसी बीच मक्कल नीधि मय्यम (MNM) प्रमुख और अभिनेता कमल हासन ने विजय को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी नई सरकार को शुरुआती दिनों में आकना सही नहीं होता और जनता को कम से कम छह महीने तक इंतजार करना चाहिए। कमल हासन ने यह भी कहा कि तमिलनाडु में कोई भी नई पार्टी बने, उसकी जड़ें कहीं न कहीं द्रविड़ राजनीति से ही जुड़ी होती हैं।
विजय और टीम को पर्याप्त समय मिलना चाहिए
मदुरै में मीडिया से बातचीत के दौरान कमल हासन ने लोगों से अपील की कि वे नई सरकार को जल्दबाजी में जज न करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय और उनकी टीम को काम करने का पर्याप्त समय मिलना चाहिए। कमल हासन ने कहा, दो दिनों में जो कुछ भी कहा जा सकता है, वह केवल ज्योतिष से जुड़ी बातें ही होंगी। यही बात छह दिनों और यहां तक कि पंद्रह दिनों पर भी लागू होती है। इसीलिए हमें उन्हें छह महीने का समय देना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि किसी प्रशासन के कामकाज का सही मूल्यांकन कुछ दिनों में नहीं किया जा सकता।
नए नेताओं को शक की नजर से न देखें
कमल हासन ने राजनीति में नए चेहरों के आने को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि नए लोगों का राजनीति में आना कोई असामान्य बात नहीं है। आजादी के बाद देश की कमान संभालने वाले कई नेता भी पहली बार ही राजनीति में आए थे। उन्होंने कहा, कई नए लोग आए हैं। लेकिन राजनीति में नए लोगों का आना कोई असामान्य बात नहीं है। जब भारत आजाद हुआ था, तब सभी मंत्री भी नए ही थे। इसलिए हमें नए लोगों को कम नहीं आंकना चाहिए, और न ही उनसे बहुत ज़्यादा उम्मीदें रखनी चाहिए।
सीएम बनने के बाद पहली मुलाकात
इससे पहले कमल हासन ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात भी की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, आज मैंने तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री विजय से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने तमिलनाडु के विकास के लिए अपने कई सपनों को साझा किया। मुलाकात के दौरान उन्होंने जो विनम्रता और स्नेह दिखाया, उससे मैं गर्व से भर गया। इस मुलाकात के दौरान कमल हासन ने फिल्म इंडस्ट्री की समस्याओं और भविष्य को लेकर छह अहम मांगें भी सरकार के सामने रखीं।
फिल्म इंडस्ट्री को लेकर जताई चिंता
कमल हासन ने कहा कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने लिखा, मैंने तमिलनाडु सरकार के सामने 6 मांगें रखी हैं। मैंने ये भी बताया है कि इस समय तमिल फिल्म इंडस्ट्री कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अगर समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, इससे उन हजारों लोगों पर असर पड़ सकता है, जो फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं। ऐसे में इंडस्ट्री को समर्थन और प्यार की जरूरत है। आशा है कि इससे लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे।
ये भी पढ़ें: जनसंख्या बढ़ाने पर पैसे देगी सरकार! तीसरे बच्चे पर 30 तो चौथे पर मिलेंगे 40 हजार
सरकारी OTT प्लेटफॉर्म की मांग
कमल हासन की सबसे बड़ी मांग सरकारी OTT प्लेटफॉर्म शुरू करने की रही। उनका मानना है कि इससे छोटे फिल्मकारों और नए कलाकारों को बड़ा मंच मिलेगा। उन्होंने कहा, सरकार को ऐसा मंच बनाना चाहिए जहां लोग कम कीमत में तमिल फिल्में, स्वतंत्र फिल्में और डॉक्यूमेंट्री देख सकें। इससे छोटे फिल्मकारों और नए कलाकारों को भी अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा। साथ ही तमिल भाषा और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। कमल हासन का मानना है कि डिजिटल दौर में तमिल सिनेमा को नई पहचान दिलाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
टैक्स और पाइरेसी पर उठाई आवाज
कमल हासन ने फिल्मों पर लगने वाले चार प्रतिशत मनोरंजन टैक्स को हटाने की भी मांग की। उन्होंने कहा, आज फिल्म बनाने का खर्च पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। थिएटर चलाने वाले लोगों को भी बिजली, स्टाफ और दूसरी चीजों पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में यह टैक्स उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल पाइरेसी पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए साइबर क्राइम विभाग में विशेष एंटी-पाइरेसी टीम बनाने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि फिल्म रिलीज होते ही उसकी गैरकानूनी कॉपी इंटरनेट पर आ जाती है, जिससे पूरी इंडस्ट्री को नुकसान उठाना पड़ता है।
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान के 9 जगहों के बदले गए नाम : क्यों लिया गया ये फैसला, जानें पूरी वजह...
थिएटर और फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर
कमल हासन ने यह भी मांग की कि तमिलनाडु के सिनेमाघरों को हर फिल्म के लिए रोज पांच शो चलाने की अनुमति दी जाए। उनका मानना है कि इससे थिएटर व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और दर्शकों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। उन्होंने फिल्मों को थिएटर रिलीज के बाद कम से कम आठ हफ्तों तक OTT पर न लाने की भी वकालत की। इसके अलावा उन्होंने फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू करने की मांग की। कमल हासन का कहना है कि यदि सरकार इंडस्ट्री को सही समर्थन दे, तो तमिलनाडु एक बार फिर देश का बड़ा फिल्म निर्माण केंद्र बन सकता है और इससे रोजगार के साथ पर्यटन को भी फायदा मिलेगा।












