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MP:NHM के 32 हजार संविदा कर्मचारी आंदोलन पर, 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 32 हजार संविदा कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं। उन्होंने 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
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NHM के 32 हजार संविदा कर्मचारी आंदोलन पर, 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत करीब 32 हजार संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए साफ कहा है कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर फैसला नहीं लिया तो 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

सालों से लंबित हैं मांगें

संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों के मुताबिक सरकार ने पहले उनकी मांगों पर सहमति जताई थी लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

25 मई से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन

आंदोलन की शुरुआत 25 मई से होगी।

  • 25 से 27 मई तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे।
  • 28 और 29 मई को कलेक्टर, CMHO और BMO को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
  • 30 मई से 1 जून तक सांसद, विधायक और मंत्रियों को समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।

2 जून से काम बंद करने की चेतावनी

कर्मचारियों ने कहा है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 2 जून से ऑनलाइन और ऑफलाइन सभी कामों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन के अंतिम चरण में 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।

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स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका

NHM कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल होने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी क्योंकि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है।

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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

  • नियमितीकरण की मांग- संविदा कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाया जाए।
  • NPS और हेल्थ इंश्योरेंस- सामान्य प्रशासन विभाग की नीति 2023 के अनुसार न्यू पेंशन स्कीम (NPS) और स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।
  • हर साल 10% वेतन वृद्धि- अन्य राज्यों की तरह हर वर्ष 10 प्रतिशत वेतन बढ़ाया जाए।
  • महंगाई भत्ता- नियमित कर्मचारियों की तरह DA दिया जाए।
  • वेतन विसंगतियां दूर हों- सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों समेत अन्य पदों के वेतन में सुधार और इंक्रीमेंट बहाल किया जाए।
  • नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं- संविदा कर्मचारियों को भी समान अवकाश और अन्य सुविधाएं दी जाएं।
  • समान काम का समान वेतन- कर्मचारियों ने कहा कि जब तक समान काम के बदले समान वेतन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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