Sankashti Chaturthi 2025 :कब है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी? जानें इस दिन का शुभ मुहूर्त और महत्व

कब है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी? जानें इस दिन का शुभ मुहूर्त और महत्व
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    गणेश उत्सव के 10 दिन पूरे होने के बाद भक्त बप्पा को विदा करते हैं और अगले साल उनके आने का इंतजार करते हैं। विसर्जन के बाद गणेश जी की पूजा के लिए सबसे खास दिन माना जाता है अश्विन माह की संकष्टी चतुर्थी। इस साल यह व्रत 10 सितंबर 2025 को रखा जाएगा। इसे विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।

    संकष्टी चतुर्थी 2025 का मुहूर्त

    चतुर्थी तिथि शुरू: 10 सितंबर, दोपहर 3:37 बजे

    चतुर्थी तिथि समाप्त: 11 सितंबर, दोपहर 12:45 बजे

    चंद्रोदय समय: रात 08:35 बजे

    जानें शुभ मुहूर्त

    ब्रह्म मुहूर्त - 04:52 एएम से 05:39 एएम

    प्रातः सन्ध्या - 05:15 एएम से 06:25 एएम

    अभिजित मुहूर्त - कोई नहीं

    विजय मुहूर्त - 02:39 पीएम से 03:28 पीएम

    गोधूलि मुहूर्त - 06:45 पीएम से 07:09 पीएम

    सायाह्न सन्ध्या - 06:45 पीएम से 07:55 पीएम

    अमृत काल - 01:51 पीएम से 03:19 पीएम

    निशिता मुहूर्त - 12:12 एएम, 11 सितम्बर से 12:59 एएम, 11 सितम्बर

    क्यों खास है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी?

    • गणेश उत्सव के बाद यह पहला व्रत है जो गणपति बप्पा को समर्पित होता है।
    • इस दिन व्रत रखने से संतान सुख, स्वास्थ्य लाभ और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
    • संकष्टी चतुर्थी का अर्थ ही है ‘संकटों को हरने वाली चतुर्थी’, इसलिए यह व्रत जीवन की बाधाओं को दूर करता है।

    व्रत के फायदे

    • सुख-समृद्धि : परिवार में शांति और आर्थिक उन्नति बनी रहती है।
    • नकारात्मकता का नाश : सच्चे मन से गणेश जी की आराधना करने से सकारात्मक ऊर्जा आती है और बुरी शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है।
    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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