Former Selector's Revelation :सचिन तेंदुलकर को रिप्लेस करना चाहता था BCCI, यह सुनकर 'क्रिकेट के भगवान' को लगा था झटका

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को एक समय BCCI रिप्लेस करना चाहता था। यह बात जब तेंदुलकर को पता चली तो वे हैरान थे। इस बात का खुलासा पूर्व सिलेक्टर संदीप पाटिल ने किया।
सचिन तेंदुलकर को रिप्लेस करना चाहता था BCCI, यह सुनकर 'क्रिकेट के भगवान' को लगा था झटका
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट इतिहास के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के करियर में एक ऐसा दौर भी आया था जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उनके विकल्प की तलाश करने लगा था। इस चौंकाने वाले घटनाक्रम का खुलासा उस समय चयन समिति के अध्यक्ष रहे संदीप पाटिल ने विक्की लालवानी के एक यूट्यूब शो में किया। उन्होंने बताया कि 2012 में चयनकर्ताओं ने सचिन से सीधी बातचीत करते हुए कहा था कि टीम को अब उनके रिप्लेसमेंट के बारे में सोचना पड़ रहा है। यह सुनकर सचिन खुद भी हैरान रह गए थे और उन्होंने पूछा था, क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं?

    2011 वर्ल्ड कप के बाद गिरने लगी थी फॉर्म

    साल 2012 का समय सचिन तेंदुलकर के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। एक साल पहले ही उन्होंने 2011 क्रिकेट विश्व कप जीतने का सपना पूरा किया था, लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन गिरने लगा। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरों पर खेले गए आठ टेस्ट मैचों में उन्होंने 560 रन बनाए, जिनमें चार अर्धशतक शामिल थे। इन दोनों दौरों में भारत को 0-4 से करारी हार झेलनी पड़ी। इसी दौरान उनके 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का दबाव भी लगातार बना हुआ था। बाद में इंग्लैंड ने भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में भी हरा दिया और सचिन का प्रदर्शन और कमजोर हो गया। उस सीरीज में उन्होंने चार टेस्ट में सिर्फ 112 रन बनाए और उनका औसत 18.6 रहा।

    टीम के दिग्गजों के संन्यास से बढ़ा दबाव

    इसी दौरान भारतीय टीम के कई वरिष्ठ खिलाड़ी एक-एक कर क्रिकेट को अलविदा कह रहे थे। सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज पहले ही संन्यास ले चुके थे। ऐसे में यह स्वाभाविक था कि अगला नाम सचिन तेंदुलकर का माना जा रहा था। करीब दो दशक तक भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे सचिन उस समय 39 साल के हो चुके थे और युवा खिलाड़ियों को मौका देने की चर्चा तेज हो रही थी।

    Featured News

    नागपुर टेस्ट के बाद हुई अहम बैठक

    संदीप पाटिल ने बताया कि 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर टेस्ट में हार के बाद उन्होंने सचिन से मुलाकात की थी। उनके साथ चयनकर्ता राजेंद्र सिंह हंस भी थे। उन्होंने एंटी करप्शन यूनिट से अनुमति लेकर सचिन को बातचीत के लिए बुलाया। पाटिल के मुताबिक, उन्होंने सचिन से सीधे पूछा कि आगे उनकी क्या योजना है। चयन समिति का मानना था कि उस समय उनका प्रदर्शन टीम के लिए उतना प्रभावी नहीं रह गया था। हालांकि चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर नहीं किया। बाद में सचिन ने पहले वनडे और फिर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।

     ‘क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं?’

    पाटिल ने बताया कि जब उन्होंने सचिन से कहा कि चयनकर्ता उनके विकल्प की तलाश करना चाहते हैं, तो वह काफी हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत पूछा, क्यों? इसके बाद उन्होंने दोबारा फोन कर पाटिल से पूछा, क्या आप सीरियस हैं? पाटिल ने उन्हें साफ बताया कि समिति को भविष्य के बारे में सोचना होगा। पाटिल ने कहा कि यह फैसला उनके लिए भी आसान नहीं था, लेकिन बाद में टीम में अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ी आए।

    24 साल के शानदार करियर का हुआ अंत

    इस बातचीत के बाद सचिन ने पहले वनडे क्रिकेट से संन्यास लिया और कुछ समय बाद टेस्ट क्रिकेट भी छोड़ दिया। उन्होंने एक साल और टेस्ट मैच खेले, लेकिन पहले जैसा प्रदर्शन दोहरा नहीं सके। 2013 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से हराया, लेकिन सचिन ने उस सीरीज में सिर्फ 192 रन बनाए। इसके तीन महीने बाद उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग से भी संन्यास ले लिया। अंततः वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के साथ उनके 24 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन हुआ। सचिन ने भारत के लिए 34 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए और 200 टेस्ट मैच खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

    Latest Posts