भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट देखने को मिली। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार कमजोर स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034 जबकि निफ्टी 227.70 अंक टूटकर 23,639 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 900 अंक तक गिर गया था और निफ्टी भी 23,600 के आसपास पहुंच गया था। हालांकि दिन के निचले स्तरों से कुछ खरीदारी देखने को मिली जिससे बाजार में हल्की रिकवरी भी आई। इस बीच पावर सेक्टर के कई शेयरों में तेजी देखने को मिली जिसने बाजार की कमजोरी के बीच निवेशकों को थोड़ी राहत दी।
गुरुवार को बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई थी। ओपनिंग के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1.2% तक फिसल गए। गिरावट के दौरान निफ्टी ने लगभग 10 महीने का निचला स्तर छू लिया। तकनीकी संकेतकों के मुताबिक बाजार फिलहाल ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गया है। आरएसआई (RSI) करीब 28 के आसपास रहा, जो यह बताता है कि बाजार में हाल के दिनों में भारी बिकवाली हुई है। हालांकि निचले स्तरों से कुछ खरीदारी आने के कारण दोपहर के बाद हल्की रिकवरी देखने को मिली।
गिरावट का असर बैंकिंग शेयरों पर भी दिखा। निफ्टी बैंक इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 5 महीने के निचले स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें भी कुछ रिकवरी आई और इंडेक्स फिर से 55,000 के ऊपर पहुंच गया। डेरिवेटिव्स डेटा के मुताबिक इंडेक्स फ्यूचर्स में करीब 0.5% शॉर्ट बिल्डअप देखा गया, जो यह संकेत देता है कि फिलहाल बाजार में निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
| निफ्टी गेनर्स | बढ़त (%) |
| Coal India | 5.20 |
| NTPC | 2.91 |
| Power Grid | 1.74 |
| Tech Mahindra | 1.49 |
| Jio Financial | 1.38 |
| निफ्टी लूजर्स | गिरावट (%) |
| M&M | 4.39 |
| Eicher Motors | 3.92 |
| Maruti | 3.72 |
| Bajaj Finance | 3.44 |
| TMPV | 3.30 |
गुरुवार के कारोबार में ज्यादातर सेक्टर दबाव में नजर आए।
| सेक्टर | गिरावट (%) |
| Nifty Auto | 3.19 |
| FMCG | 1.77 |
| Nifty Realty | 1.63 |
| Nifty Private Bank | 1.60 |
| NIFTY MIDSMALL FINANCIAL SERVICES | 0.78 |
इन सेक्टरों में कमजोरी से पता चलता है कि निवेशक फिलहाल खपत और फाइनेंशियल कंपनियों को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह वेस्ट एशिया में बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव माना जा रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाते हैं जिसका सीधा असर इक्विटी बाजार पर देखने को मिलता है।
जियोपॉलिटिकल तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 9% बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
भारतीय बाजार पर एक और बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली से बना हुआ है। हाल के दिनों में विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों से पैसा निकाल रहे हैं जिससे बाजार में लिक्विडिटी कम हुई है और बड़े इंडेक्स शेयरों पर दबाव बना है।