Jhansi–Khajuraho Four Lane:झांसी-खजुराहो मार्ग पर भीषण आग, चलते डंपर से भड़की लपटें, टोल बैरियर और बूथ भी चपेट में

खजुराहो। झांसी-खजुराहो फोरलेन पर शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया, जब देवगांव टोल प्लाजा के पास एक डंपर में अचानक आग लग गई। घटना सुबह करीब 8 बजे बमीठा थाना क्षेत्र में हुई। देखते ही देखते आग इतनी तेज फैल गई कि पूरा डंपर जलकर खाक हो गया और टोल प्लाजा का हिस्सा भी इसकी चपेट में आ गया। डंपर में डस्ट भरी हुई थी और शुरुआती कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
सुबह 8 बजे अचानक उठा धुआं
शनिवार सुबह झांसी-खजुराहो फोरलेन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब देवगांव टोल प्लाजा के पास एक चलते डंपर में अचानक आग लग गई। यह घटना मध्यप्रदेश के बमीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुबह करीब 8 बजे हुई। डंपर जैसे ही टोल प्लाजा पर पहुंचा, उसके केबिन से अचानक धुआं निकलने लगा और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया और वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही हालात बिगड़ चुके थे।
डस्ट से भरे डंपर में अचानक लगी आग
डंपर बमीठा से छतरपुर की ओर जा रहा था और उसमें डस्ट भरी हुई थी। जैसे ही वह देवगांव टोल प्लाजा पर पहुंचा, वाहन के अंदर से अचानक चिंगारी और धुआं उठने लगा। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह घटना शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई हो सकती है, डंपर चालक ने आग लगते ही तुरंत केबिन में रखे कंबल से आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि उसका प्रयास सफल नहीं हो सका। कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और चालक को अपनी जान बचाने के लिए वाहन से कूदना पड़ा। राहत की बात यह रही कि समय रहते चालक सुरक्षित बाहर निकल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
लाखों का नुकसान, टोल प्लाजा भी आग की चपेट में
डंपर में लगी आग केवल वाहन तक ही सीमित नहीं रही बल्कि इसका असर देवगांव टोल प्लाजा पर भी देखने को मिला। आग की तेज लपटों और भारी धुएं के कारण टोल प्लाजा का सेंसर बैरियर और एक बूथ भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद टोल प्लाजा पर कामकाज कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया और वहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, इस हादसे में टोल प्लाजा को करीब 2 से 3 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। तकनीकी उपकरणों के जलने से संचालन में भी काफी परेशानी आई।
करीब एक घंटे तक जलता रहा डंपर
स्थानीय लोगों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि डंपर करीब एक घंटे तक लगातार जलता रहा। मौके पर मौजूद लोग आग बुझाने की कोशिश करते रहे लेकिन आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई लेकिन टीम के पहुंचने में काफी समय लग गया। फायर ब्रिगेड के मौके पर पहुंचने के बाद ही आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक डंपर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। इस देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली और उन्होंने टोल प्लाजा जैसी जगहों पर आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लोगों का कहना है कि अगर मौके पर फायर सेफ्टी के उचित उपकरण मौजूद होते तो शायद नुकसान इतना ज्यादा नहीं होता। लोगों ने यह भी कहा कि टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में वाहन रोज गुजरते हैं, ऐसे में वहां फायर सेफ्टी और इमरजेंसी सिस्टम का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि आग लगने की असली वजह क्या थी और सुरक्षा में कहां चूक हुई।
यातायात हुआ प्रभावित
घटना के बाद झांसी-खजुराहो फोरलेन पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। आग और धुएं के कारण वाहनों को रोकना पड़ा, जिससे लंबा जाम लग गया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर धीरे धीरे यातायात बहाल किया गया।
शुरू की जांच, तकनीकी खराबी पर शक
जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं वाहन में कोई अन्य तकनीकी गड़बड़ी तो नहीं थी। डंपर पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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नहीं हुई कोई जनहानि
इस पूरी घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित रहे। हालांकि आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है लेकिन समय रहते लोगों की सतर्कता और चालक की समझदारी से बड़ा हादसा टल गया।











