सड़क पर बिखरे शरीर के टुकड़े...बालोद में 3 दोस्तों की दर्दनाक मौत, कार-बाइक की टक्कर में बुझ गए तीन घरों के चिराग

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के खैरीडीह गांव के पास तेज रफ्तार कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि, तीनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक मंजर को याद कर सिहर उठा।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, सिर्राभाठा निवासी तरुण यादव, राहुल सेवता और नरेंद्र भुआर्या एक ही बाइक से देवरी की ओर से डौंडीलोहारा जा रहे थे। रात करीब 10 बजे जैसे ही वे खैरीडीह गांव के पास पहुंचे, सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि कार दल्लीराजहरा से राजनांदगांव की ओर जा रही थी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक दूर जा गिरे।
हादसे की भयावह तस्वीर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे का दृश्य बेहद भयावह था। टक्कर के बाद एक युवक का हाथ शरीर से अलग हो गया, जबकि दूसरे का पैर कटकर करीब 50 मीटर दूर जा गिरा। तीसरे युवक को भी गंभीर चोटें आईं। राहुल सेवता ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा, जबकि बाकी दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। शनिवार सुबह ग्रामीणों को घटनास्थल से दूर राहुल का कटा हुआ पैर मिला, जिससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की है-
- तरुण यादव (20 वर्ष), निवासी सिर्राभाठा
- राहुल सेवता (20 वर्ष), निवासी सिर्राभाठा
- नरेंद्र भुआर्या (21 वर्ष), निवासी मुड़खुसरा
तीनों आपस में दोस्त थे और एक साथ सफर कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही डौंडीलोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है, लेकिन उसका चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। थाना प्रभारी सुनील तिर्की ने बताया कि, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही हादसे की मुख्य वजह लग रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चालक नशे में था या नहीं। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
गांव में पसरा मातम
तीनों युवकों की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ गई। जवान बेटों को खोने का दर्द परिवारों के लिए असहनीय है। घरों में चीख-पुकार मची हुई है और पूरा गांव गमगीन माहौल में डूबा हुआ है। हर कोई इस हादसे को लेकर स्तब्ध है और लोगों की आंखें नम हैं।











