Makhanlal Sarkar:वो शख्स जिनके सम्मान में भावुक हो गए पीएम मोदी, कौन हैं 98 वर्षीय माखनलाल सरकार ?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता माखनलाल सरकार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए चौंकाने वाला और भावुक था। माखनलाल सरकार लंबे समय से भाजपा से जुड़े पुराने और समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने संगठन के शुरुआती दौर में अहम भूमिका निभाई। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे राजनीतिक विनम्रता का उदाहरण बताया।
शपथ ग्रहण में भावुक पल
पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचे, उन्होंने वहां मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेता माखनलाल सरकार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोग कुछ पल के लिए हैरान रह गए और फिर तालियों से पूरा माहौल गूंज उठा। इस मौके पर माखनलाल सरकार, जो करीब 98 वर्ष के हैं, मंच पर विशेष रूप से सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद थे। जैसे ही पीएम मोदी उनके पास पहुंचे, उन्होंने झुककर उनके चरण स्पर्श किए और फिर दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले भी लगाया। यह पूरा दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इसे प्रधानमंत्री की विनम्रता और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान के रूप में देख रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि जो लोग संगठन की नींव रखते हैं, उनका सम्मान ऐसे ही बड़े मंचों पर होना चाहिए। लोगों ने यह भी कहा कि माखनलाल सरकार जैसे कार्यकर्ता ही असली शक्ति हैं, जिन्होंने कठिन समय में पार्टी को आगे बढ़ाया। इस भावुक पल ने न केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं बल्कि आम लोगों के दिल को भी छू लिया।
कौन हैं माखनलाल सरकार
माखनलाल सरकार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सबसे पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। वे केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि लंबे समय से राष्ट्रवादी आंदोलनों से जुड़े रहे एक अनुभवी नेता हैं। जनसंघ के समय से ही उन्होंने राजनीति और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। 1952 में कश्मीर में तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मौजूद थे। इसी आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बेहद करीबी सहयोगियों में माने जाते थे और उनकी अंतिम यात्रा का भी हिस्सा रहे थे।
संगठन को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका
भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद माखनलाल सरकार ने पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। उन्होंने उत्तर बंगाल के जिलों जैसे जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और पश्चिम दिनाजपुर में पार्टी को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम किया। उनकी मेहनत का ही परिणाम था कि शुरुआती दौर में ही हजारों लोगों को पार्टी से जोड़ा गया और संगठन को एक मजबूत आधार मिला। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, उस समय सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत करके संगठन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।
शपथ ग्रहण में मिला विशेष सम्मान
कोलकाता में हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में माखनलाल सरकार को मंच पर विशेष स्थान दिया गया था। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल उनका अभिवादन किया बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक गले भी लगाया और उनका आशीर्वाद लिया। यह पल समारोह का सबसे भावुक क्षण बन गया। इस पूरे कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे लेकिन पीएम मोदी का यह व्यक्तिगत सम्मान लोगों के लिए सबसे अलग और यादगार बन गया। इस दृश्य ने यह संदेश भी दिया कि राजनीतिक सफलता के पीछे उन पुराने कार्यकर्ताओं का भी बड़ा योगदान होता है जिन्होंने शुरुआती समय में संगठन को खड़ा किया।
ये भी पढ़ें: सियासत के ‘सम्राट’: पढ़ाई में अव्वल और राजनीति में माहिर, कौन हैं 'दादा' सुवेंदु अधिकारी?
ऐतिहासिक शपथ ग्रहण में कई नेताओं की मौजूदगी
इस शपथ ग्रहण समारोह में सुवेंदु अधिकारी सहित कई नेताओं ने भी पद की शपथ ली। इस अवसर पर देशभर से कई वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है, जहां पहली बार इतने बड़े स्तर पर भाजपा की सरकार के गठन का दृश्य सामने आया। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल था लेकिन माखनलाल सरकार और पीएम मोदी का यह भावुक क्षण सभी के लिए सबसे खास बन गया।












