कश्मीर में आतंकी हमला:छत्तीसगढ़ के 2 श्रमिकों की मौत, CM साय ने जताया शोक, दिए अधिकारियों को निर्देश

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों ने आम लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पिछले 10 दिनों में टारगेट किलिंग की दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में एक पुलिस अधिकारी और छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की जान चली गई। ताजा मामला कुलगाम जिले का है, जहां आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो मजदूरों पर गोली चला दी। हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कुलगाम में ईंट भट्ठे पर हुआ आतंकी हमला
यह हमला शुक्रवार शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लम इलाके में हुआ। यहां एक ईंट भट्ठे पर कई प्रवासी मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद आतंकियों ने अचानक वहां पहुंचकर मजदूरों पर गोलियां चला दीं। हमले में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों मजदूर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हमले में मारे गए दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान दीपक रात्रे और भूपिंदर के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 20 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। दीपक रात्रे की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। वहीं, घायल भूपिंदर को पहले अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में भर्ती कराया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर उसे श्रीनगर के एसकेआईएमएस (SKIMS) अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
CM विष्णुदेव साय ने जताया दुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस आतंकी हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश साझा किया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के एक श्रमिक की मौत और दूसरे के घायल होने की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने घायल मजदूर के बेहतर इलाज की जानकारी देते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश देने की बात भी कही थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने मृतक मजदूर को श्रद्धांजलि दी और घायल मजदूर के जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी। हालांकि, बाद में इलाज के दौरान दूसरे मजदूर की भी मौत हो गई।
10 दिन में टारगेट किलिंग की दूसरी बड़ी घटना
यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले ही अनंतनाग जिले में आतंकियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों घटनाओं के बीच केवल लगभग 10 दिन का अंतर है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर प्रवासी मजदूरों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाए जाने से लोगों में डर का माहौल है।
सुरक्षाबलों ने शुरू किया बड़ा सर्च ऑपरेशन
आतंकी हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। हमलावरों की तलाश के लिए आसपास के जंगलों और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस हमले के पीछे कौन सा आतंकी संगठन शामिल है।
श्रीनगर में भी बढ़ाई गई सुरक्षा
कुलगाम हमले के बाद श्रीनगर समेत कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। शहर के कई स्थानों पर वाहनों की जांच के लिए चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इसी दौरान श्रीनगर में जांच के समय एक बिना नंबर प्लेट वाली कार पुलिस चेक पोस्ट पर पहुंची। सुरक्षाकर्मियों को देखकर कार चालक भागने की कोशिश करने लगा। ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से निकल गया। बाद में सुरक्षाबलों ने कार को बरामद कर लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि वाहन का किसी आतंकी गतिविधि से संबंध है या नहीं।











