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जंतर- मंतर पर 10 हजार प्रदर्शनकारी जुटे...बैरिकेडिंग तोड़ी, वांगचुक बोले- 3 शर्तों पर खत्म करूंगा अनशन

CJP ने सुबह 9 बजे जंतर-मंतर से संसद तक 'चलो संसद' मार्च निकालने का ऐलान किया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है।
बैरिकेडिंग तोड़ी, वांगचुक बोले- 3 शर्तों पर खत्म करूंगा अनशन
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले करीब 10 हजार प्रदर्शकारी पहुंचे जंतर मंतर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जुटे। प्रदर्शन शुरू होते ही कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। हालांकि, पुलिस ने हालात पर जल्द काबू पा लिया और फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दी चेतावनी

CJP ने सुबह 9 बजे जंतर-मंतर से संसद तक 'चलो संसद' मार्च निकालने का ऐलान किया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है। पुलिस ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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CJP के प्रदर्शन से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण जानकारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के 'चलो संसद' प्रदर्शन को लेकर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और उसके आसपास जमा हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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1. जंतर-मंतर पर 10 हजार प्रदर्शनकारी, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश

सुबह से ही बड़ी संख्या में CJP समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के बाहर निकल आए और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। शुरुआती समय में कुछ जगहों पर बैरिकेडिंग तोड़ी गई, लेकिन पुलिस ने तुरंत हालात संभाल लिए और दोबारा बैरिकेड लगा दिए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

2. 'चलो संसद' मार्च की अनुमति नहीं

CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का ऐलान किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी अनधिकृत मार्च को संसद क्षेत्र की ओर बढ़ने नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस, RAF और अर्धसैनिक बलों की टीमें तैनात हैं।

3. राजधानी में हाई अलर्ट, तीन लेयर सुरक्षा 

प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर पर तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। संसद, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। नई दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है। सीसीटीवी से 24 घंटे निगरानी और लगातार गश्त भी जारी है।

4. धारा 163 लागू, कई जगहों पर जुटने और जुलूस पर रोक

नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति वाले प्रदर्शन को छूट दी गई है। पुलिस ने लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की है।

 वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें 

  • पहली शर्त

वांगचुक ने कहा कि सरकार सार्वजनिक रूप से शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार जवाबदेही तय करे।

  • दूसरी शर्त

उन्होंने मांग की कि CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद तक जाने की अनुमति दी जाए। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद भरोसा दें कि वे शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा संसद में उठाएंगे।

  • तीसरी शर्त

अगर स्वास्थ्य या अन्य कारणों से वे संसद नहीं जा सकते, तो अलग-अलग दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें आश्वासन दें कि उनकी मांगों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा। वांगचुक का कहना है कि ऐसा होने पर वे अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

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वांगचुक ने भूख हड़ताल करने के लिए शेयर की तीन बड़ी शर्तें

यह भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला : सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने से इनकार; पत्नी को मिलने की मिली अनुमति

क्यों अनशन पर बैठे हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। इस आंदोलन की शुरुआत CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने की थी, जबकि वांगचुक 28 जून को इससे जुड़े थे।

CJP का आरोप है कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और अन्य अनियमितताएं हो रही हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि इन मामलों की जिम्मेदारी तय की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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