जम्मू-कश्मीर में हिली धरती :अफगानिस्तान में आया 6.2 तीव्रता का भूकंप, 8 अन्य देशों में भी महसूस हुए झटके

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार शाम भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके महसूस होते ही लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि फिलहाल कहीं से भी किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
AFG के हिंदूकुश में था केंद्र, कई देशों तक महसूस हुआ असर
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था। भारतीय समयानुसार शाम 7:04 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई। इसका केंद्र उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में कलाफगान से करीब 81 किलोमीटर दूर और जमीन से 215 किलोमीटर की गहराई में था। अधिक गहराई होने के कारण इसके झटके अफगानिस्तान के अलावा भारत, पाकिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान तक महसूस किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू-कश्मीर भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए यहां समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके महसूस होते रहते हैं।
भूकंप की गहराई 215 किलोमीटर थी
अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप के झटके भारत के कई हिस्सों, खासकर जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किए गए। भूकंप की गहराई करीब 215 किलोमीटर थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब भूकंप धरती के भीतर अधिक गहराई में आता है तो उसके झटके बड़े इलाके में महसूस हो सकते हैं। हालांकि, ऐसे भूकंपों में सतह पर बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना अपेक्षाकृत कम रहती है।
6.5 से ज्यादा तीव्रता होने पर बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां भूकंप का केंद्र होता है, वहां झटके सबसे ज्यादा तेज महसूस किए जाते हैं। जैसे-जैसे केंद्र से दूरी बढ़ती है, झटकों की तीव्रता कम होती जाती है। आमतौर पर 6.5 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप में जान-माल के नुकसान की आशंका काफी बढ़ जाती है। वहीं, 6 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप में नुकसान की संभावना अपेक्षाकृत कम रहती है, हालांकि यह स्थानीय परिस्थितियों और इमारतों की मजबूती पर भी निर्भर करता है।
दिल्ली- NCR में असर, लोग घरों से बाहर निकले
भूकंप के झटके महसूस होते ही दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भी झटके महसूस होने की जानकारी साझा की। हालांकि, फिलहाल कहीं से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हिंदूकुश क्षेत्र में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें लगातार एक-दूसरे से टकराती रहती हैं। इसी वजह से इस इलाके में समय-समय पर मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। यही कारण है कि हिंदूकुश में आने वाले कई भूकंपों का असर भारत, पाकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों तक भी महसूस किया जाता है।










