सीहोर में साइबर अपराध का बड़ा खुलासा! 6 राज्यों में शिकायतों वाले म्यूल अकाउंट का कनेक्शन मिला

सीहोर। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सीहोर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है, जो लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और बाद में उन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों के अवैध लेन-देन के लिए कराता था। पुलिस की कार्रवाई के बाद म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए संचालित साइबर अपराध के नेटवर्क की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आई हैं।
लालच देकर खुलवाता था बैंक खाते
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुंदर लाल अहिरवार पिता तुलसीराम अहिरवार, उम्र 47 वर्ष, निवासी संजय कॉलोनी, मंडी सीहोर के रूप में हुई है। आरोपी कथित तौर पर लोगों को रुपये देने का लालच देकर उनके नाम पर महाराष्ट्र बैंक में खाते खुलवाता था। खाता खुलने के बाद पासबुक, एटीएम कार्ड, ई-बैंकिंग की सुविधा, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी अपने कब्जे में ले लेता था।
खाताधारक को तब पता चला जब खाते पर लगा होल्ड
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब साइबर अपराध से संबंधित शिकायतें सामने आने के बाद संबंधित बैंक खाते पर साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक और होल्ड लगाया गया। इसके बाद खातेधारक को जानकारी हुई कि उसके बैंक खाते में 2 लाख 18 हजार 800 रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाताधारक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत प्रस्तुत की।
शिकायत मिलते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, ट्रांजेक्शन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की। जांच की दिशा आरोपी सुंदर लाल अहिरवार तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर साइबर अपराध की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
4.93 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा
अब तक की जांच में महाराष्ट्र बैंक के संबंधित म्यूल अकाउंट में कुल 4 लाख 93 हजार 600 रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर इस खाते के माध्यम से हुई संदिग्ध रकम का आंकड़ा और बढ़ सकता है। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के आधार पर प्रत्येक ट्रांजेक्शन की कड़ी जोड़ने में जुटी है।
छह राज्यों में दर्ज शिकायतों से बढ़ी जांच की गंभीरता
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि उक्त म्यूल अकाउंट के खिलाफ हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में भी शिकायतें दर्ज हैं। छह राज्यों में शिकायतों की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इससे पुलिस को आशंका है कि संबंधित खाते का इस्तेमाल किसी बड़े साइबर अपराध नेटवर्क द्वारा किया गया हो सकता है।
अन्य आरोपी और हैंडलर भी पुलिस के रडार पर
पुलिस अब केवल गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, खाते में आने वाली रकम किन स्रोतों से जुड़ी थी और रकम आगे किन खातों में भेजी जाती थी। पुलिस को इस नेटवर्क में अन्य आरोपियों और हैंडलरों के शामिल होने की संभावना है। संभावित ठिकानों पर दबिश की कार्रवाई भी की जा रही है।
एसपी के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली की कार्रवाई
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे एवं नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का लक्ष्य म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है।
पुलिस की दो टूक-खाता देना पड़ सकता है भारी
सीहोर पुलिस ने आम नागरिकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर या कुछ रुपये मिलने के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड अथवा नेट बैंकिंग की जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। ऐसा करना व्यक्ति को अनजाने में साइबर अपराध की रकम के लेन-देन में शामिल कर सकता है और वह म्यूल अकाउंट होल्डर के रूप में कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकता है।
साइबर ठगी रोकने में जनता की सतर्कता सबसे बड़ा हथियार
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बैंकिंग संबंधी जानकारी हमेशा गोपनीय रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। सीहोर पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों पर भी अब पुलिस की सीधी नजर है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।












