सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हथनी ‘स्मिता’ की मौत से हड़कंप, जांच के लिए बनेगी SIT

सोहागपुर। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के चूरना परिक्षेत्र में विभागीय हथनी ‘स्मिता’ की मौत के मामले को गंभीरता से लिया गया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया जाएगा। साथ ही हथनी की देखरेख करने वाले संबंधित महावत से भी पूछताछ की जाएगी। मंगलवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हथनी का नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मेंटिंग के दौरान घटना की आशंका
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की उप संचालक ऋषिभा नेताम के मुताबिक, शुरुआती जांच में आशंका है कि यह घटना हाथियों के बीच मेंटिंग यानी प्रजनन के प्रयास के दौरान हुई हो सकती है। उन्होंने बताया कि अगर हाथियों के बीच सीधी भिड़ंत हुई होती तो आमतौर पर चोटें शरीर के सामने वाले हिस्से में दिखाई देतीं। लेकिन स्मिता के शरीर के पिछले हिस्से में चोटें मिली हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि हथनी की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत की वजह और घटना की परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल गठित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। जांच टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी।
महावत से भी होगी पूछताछ
जांच के दौरान हथनी की देखरेख करने वाले महावत से भी पूछताछ की जाएगी। टीम यह पता लगाएगी कि घटना से पहले स्मिता की स्थिति कैसी थी और घटना के समय वहां क्या परिस्थितियां थीं।
शेड्यूल-1 में शामिल है हाथी
बांधवगढ़ के पूर्व क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक के मुताबिक, हाथी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत शेड्यूल-1 में आता है। मृत हाथी के शव को नियमानुसार नष्ट करने की प्रक्रिया निर्धारित है। उन्होंने बताया कि शव को नियमों के अनुसार जलाया या दफनाया जा सकता है। अगर हाथी की मौत सामान्य वन क्षेत्र में भी होती है, तो नियमों के तहत उसके शव को संरक्षित वन क्षेत्र में ले जाकर अंतिम संस्कार किया जाता है।
बांधवगढ़ मामले में कार्रवाई क्यों हुई थी?
मृदुल पाठक ने स्पष्ट किया कि बांधवगढ़ में हाथी के शव को जलाने को लेकर कार्रवाई नहीं हुई थी। वहां कार्रवाई का कारण घटना को छिपाने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि शेड्यूल-1 के तहत आने वाले हाथी के शव का नियमानुसार अंतिम संस्कार करना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है।
स्मिता का भी नियमानुसार अंतिम संस्कार
एसटीआर की उप संचालक ऋषिभा नेताम ने बताया कि हथनी स्मिता का पोस्टमार्टम कराने के बाद सभी निर्धारित नियमों का पालन करते हुए उसका अंतिम संस्कार किया गया। शव को नियमानुसार जलाया गया। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विशेष जांच दल की जांच पर है, जिससे स्मिता की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।












