अमेरिका से जापान तक शिवभक्ति की लहर, सावन शिवरात्रि पर घर-घर हुआ भोलेनाथ का अभिषेक; 82 करोड़ भक्तो के जुड़ने का दावा
सीहोर। सावन मास की पावन शिवरात्रि पर आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज के आह्वान पर भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का महाभिषेक किया। घर-घर शिवलिंग स्थापित हुए, मंदिरों में रुद्राभिषेक हुआ और सुबह से देर तक हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। मानो सावन शिवरात्रि के दिन पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
घर-घर स्थापित हुए पार्थिव शिवलिंग
आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, इस महाभिषेक में 82 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का दावा किया गया। बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने घरों में पार्थिव शिवलिंग स्थापित कर विधि-विधान से पूजन किया। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हुए भगवान शिव से विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुबेरेश्वरधाम पर भी महाभिषेक को लेकर विशेष आयोजन किया गया। यहां 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सामूहिक ऑनलाइन महाभिषेक में सहभागिता की। विशाल पंडाल में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से आयोजन का सीधा प्रसारण किया गया। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला ने विप्रजनों के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं के साथ पार्थिव शिवलिंग का पूजन और अभिषेक कराया।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा धाम
सुबह से ही कुबेरेश्वरधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, धाम परिसर में भक्तों की संख्या बढ़ती गई। सामूहिक महाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान शिव का स्मरण किया। हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और मन में विश्व कल्याण की भावना साफ नजर आई।
अमेरिका से जापान तक हुई शिव आराधना
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन से भारत के साथ अमेरिका, रूस, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, दुबई, नेपाल और मॉरीशस सहित अनेक देशों के श्रद्धालु जुड़े। विदेशों में रहने वाले भारतीय परिवारों और शिवभक्तों ने भी अपने-अपने घरों में भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।
भक्ति से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा
ऑनलाइन महाभिषेक के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से भगवान शिव की आराधना पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करती है। उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने घरों में शिवलिंग स्थापित कर विधि-विधान से महाभिषेक किया।
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सोशल मीडिया पर भी दिखा शिवभक्ति का रंग
सावन शिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों और घरों में हुए पूजन-अभिषेक के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब साझा किए गए। डिजिटल माध्यमों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर हो रही शिव आराधना की तस्वीरें एक-दूसरे तक पहुंचीं। इससे ऐसा माहौल बना, जैसे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले शिवभक्त एक ही आध्यात्मिक सूत्र में बंध गए हों।
आस्था ने मिटाई दूरियों की सीमाएं
इस महाभिषेक की सबसे खास बात यह रही कि भौगोलिक दूरियों के बावजूद श्रद्धालु एक ही समय में भगवान शिव की आराधना से जुड़े। कुबेरेश्वरधाम से लेकर देश-विदेश के घरों तक हुए पूजन में एक ही भावना दिखाई दी-शिवभक्ति की कोई सीमा नहीं होती। श्रद्धालुओं ने इसे सनातन आस्था, आध्यात्मिक चेतना और विश्व कल्याण की भावना से जुड़ा विशेष अवसर बताया।
सावन शिवरात्रि बनी भक्ति और एकता का पर्व
सावन मास की शिवरात्रि पर आयोजित इस महाभिषेक ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति के साथ विश्व कल्याण का भाव भी जगाया। कुबेरेश्वरधाम में हजारों श्रद्धालुओं की सामूहिक सहभागिता और दुनिया के अलग-अलग देशों से जुड़े शिवभक्तों ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया। जब एक साथ करोड़ों कंठों से हर-हर महादेव का जयघोष गूंजा, तो सावन शिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक एकता का जीवंत उत्सव बन गई।















