गुना: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष शिविर, 75 बच्चों का पंजीयन; नशामुक्ति के लिए नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश
गुना। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर गुना के मन स्पेशल स्कूल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। मन मेंटल हेल्थ अवेयरनेस एंड नेटवर्किंग समिति, अमरलता शैक्षणिक एवं जन सेवा समिति और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए इन कार्यक्रमों में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के स्वास्थ्य, थेरेपी और पुनर्वास पर जोर दिया गया। वहीं, विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और कविता के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
विशेष स्वास्थ्य शिविर में बच्चों को मिली थेरेपी और परामर्श की सुविधा
शनिवार सुबह 11 बजे आयोजित शिविर में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, थेरेपी और परामर्श की व्यवस्था की गई। आयोजकों के अनुसार, शिविर में करीब 75 बच्चों का पंजीयन किया गया। इनमें से 35 बच्चों ने ऑक्यूपेशनल थेरेपी (OT), 45 ने फिजियोथेरेपी (PT) और 50 बच्चों ने स्पीच थेरेपी (ST) की सेवाएं लीं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील दांगी ने भी करीब 40 से 42 बच्चों का परीक्षण किया। शिविर में बच्चों की जरूरतों के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन और थेरेपी उपलब्ध कराई गई। इसका उद्देश्य बच्चों के विकास और पुनर्वास को प्रोत्साहित करने के साथ अभिभावकों को उनकी देखभाल के संबंध में उपयोगी जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के गुना जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार भी उपस्थित रहे। उन्होंने बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और पुनर्वास सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें दया के बजाय सम्मान, स्नेह, उचित सुविधाओं और आगे बढ़ने के समान अवसरों की जरूरत है। उनके सर्वांगीण विकास के लिए परिवार, समाज और संस्थाओं का सहयोग महत्वपूर्ण है।
मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति पर जागरूकता कार्यशाला
कार्यक्रम के दूसरे चरण में दोपहर 3 बजे मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सीएसपी शिफा हाशमी और सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक ऋषु कुमार सुमन शामिल हुए। मन समिति द्वारा संचालित मन कॉलेज के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, कविता और अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए। प्रस्तुतियों में तनाव से निपटने, मानसिक परेशानी के समय परिवार और विशेषज्ञों से मदद लेने तथा जरूरत पड़ने पर परामर्श सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों ने नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को भी प्रस्तुतियों के जरिए समझाया। उन्होंने लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मानसिक परेशानी होने पर मदद लेने में संकोच न करें
सीएसपी शिफा हाशमी ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को जरूरी बताते हुए मन समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे संपूर्ण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसिक परेशानी होने पर सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नशे को समस्याओं का समाधान मानने के बजाय उचित परामर्श और उपचार का रास्ता अपनाना चाहिए। युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उपसंचालक ऋषु कुमार सुमन भी मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
आयोजन में मन समिति की सचिव संगीता सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव, मन मनोचिकित्सा संस्थान एवं नशामुक्ति केंद्र के निदेशक डॉ. अनिल विजयवर्गीय, वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. आर.एस. भाटी, अमरलता समिति के चेयरमैन डॉ. प्रदीप सेन, मन कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. संध्या श्रीवास्तव और ओमकार कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. मधु कृष्णानी सहित दोनों संस्थाओं के सदस्य और फैकल्टी मेंबर्स उपस्थित रहे।






















