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जबलपुर की ‘एसपी की पाठशाला’ से 10 अभ्यर्थियों का MP पुलिस SI में चयन, SP ने किया सम्मानित

जबलपुर की ‘एसपी की पाठशाला’ से 10 अभ्यर्थियों का मध्यप्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक पद पर चयन हुआ है। SP सम्पत उपाध्याय ने चयनित अभ्यर्थियों को सम्मानित किया। वर्ष 2021 से अब तक 359 अभ्यर्थी सरकारी सेवा में चयनित हो चुके हैं।

जबलपुर। पुलिस लाइन में पुलिस परिवार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए संचालित ‘एसपी की पाठशाला’ ने एक बार फिर सफलता हासिल की है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 10 अभ्यर्थियों का मध्यप्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक (SI) के पद पर चयन हुआ है। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह 14 सितंबर 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम जबलपुर में आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ (भा.पु.से.) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा भी मौजूद रहे।

10 अभ्यर्थियों का मध्यप्रदेश पुलिस में चयन

‘एसपी की पाठशाला’ में अध्ययनरत काजल गुप्ता, अंजनी भूमिया, सुप्रिया यादव, स्मिता ठाकुर, प्रयास नामदेव, अनुराग तंतुवाय, योगेश सिंह राजपूत, शुभम सिंह, आशीष आर्य और प्रीति पटेल का मध्यप्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक पद के लिए चयन हुआ है। इनमें आशीष आर्य वर्तमान में जीआरपी जबलपुर में आरक्षक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि प्रीति पटेल दिल्ली पुलिस में आरक्षक हैं। दोनों ने नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हुए यह सफलता हासिल की।

2020 से चल रही है ‘एसपी की पाठशाला’

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस लाइन में वर्ष 2020 से ‘एसपी की पाठशाला’ संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य पुलिस परिवार के बच्चों के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद परिवारों के ऐसे युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क शिक्षा और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। यहां विद्यार्थियों को केवल थ्योरी की पढ़ाई ही नहीं कराई जाती, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी शारीरिक मैदानी प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

2021 से अब तक 359 अभ्यर्थी सरकारी सेवा में चयनित

‘एसपी की पाठशाला’ के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की सफलता का आंकड़ा भी लगातार बढ़ा है। वर्ष 2021 में 8, 2022 में 41, 2023 में 32, 2024 में 43, 2025 में 102 और वर्ष 2026 में अब तक 133 अभ्यर्थी शासकीय सेवा के लिए चयनित हो चुके हैं। इस तरह वर्ष 2021 से अब तक कुल 359 अभ्यर्थियों का सरकारी सेवा में चयन हुआ है। वर्तमान में भी इस निशुल्क कोचिंग से 120 विद्यार्थी थ्योरी क्लास और 50 विद्यार्थी फिजिकल क्लास का लाभ ले रहे हैं।

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अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

‘एसपी की पाठशाला’ में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के व्याख्याता डॉ. आशीष यादव नागरिक शास्त्र, सहकारिता विभाग के विकास तिवारी इतिहास, भारतीय रेलवे विभाग के कमलेश इंगले एडवांस मैथ्स, शुभम चतुर्वेदी मैथ्स और रीजनिंग, रोहित कुशवाह अर्थशास्त्र तथा अंकित चक्रवर्ती योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

इसके अलावा रक्षित निरीक्षक जय प्रकाश आर्य के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक योगेश चौकसे द्वारा मैथ्स, रीजनिंग और फिजिकल ट्रेनिंग कराई जा रही है। प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र पटेल हिंदी, आरक्षक सतीश डेहरिया भूगोल एवं फिजिकल ट्रेनिंग, आरक्षक उपेन्द्र गौतम फिजिकल ट्रेनिंग, आरक्षक रमन पटेल मैथ्स-रीजनिंग, आरक्षक जय प्रकाश तिवारी संविधान, आरक्षक राहुल ठाकुर विज्ञान एवं फिजिकल ट्रेनिंग, नीतेश श्रीवास फिजिकल ट्रेनिंग, महिला आरक्षक दीक्षा सिंह सामान्य ज्ञान और रेलवे पुलिस आरक्षक सुशांत पटेल फिजिकल ट्रेनिंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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SP ने कहा- मेहनत करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी

सम्मान समारोह में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने वाले सभी अभ्यर्थी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी इस बार सफल नहीं हो सके, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। लगातार मेहनत और लगन के साथ तैयारी करते रहने से सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह आग में तपकर सोना कुंदन बनता है, उसी तरह कठिन परिश्रम के बाद मिली सफलता व्यक्ति को और मजबूत बनाती है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस विभाग का प्रयास है कि पुलिस परिवार और गरीब तबके के ऐसे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, जो सरकारी सेवा में जाने का सपना देखते हैं।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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