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PU Special :रक्षा बंधन-बड़ी बहन ने बोनमैरो देकर 10 साल के भाई को दी नई जिंदगी

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में थैलेसीमिया से पीड़ित 10 वर्षीय भाई को उसकी 19 वर्षीय बड़ी बहन ने बोनमैरो दान कर नई जिंदगी दी। आर्थिक तंगी के बावजूद बहन ने भाई के इलाज के लिए पढ़ाई तक छोड़ दी। करीब पांच महीने के जटिल इलाज और सफल बोनमैरो ट्रांसप्लांट के बाद बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
रक्षा बंधन-बड़ी बहन ने बोनमैरो देकर 10 साल के भाई को दी नई जिंदगी
प्रतीकात्मक चित्र।

हर्षित चौरसिया, जबलपुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम के पर्व 'रक्षाबंधन' पर बड़ी बहन ने अपने छोटे भाई को बोनमैरो दान कर उसे नई जिंदगी दी है। मेडिकल कॉलेज में हाल ही में हुए सफल बोनमैरो ट्रांसप्लांट के बाद इस बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया है। सतना निवासी यह परिवार अब अस्पताल में नहीं घर पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाएगा।

भाई को बचाने का संकल्प

19 वर्षीय बड़ी बहन सोनम (बदला हुआ नाम) ने बताया कि थैलसीमिया से पीड़ित अपने 10 वर्षीय बीमार भाई अभिनव (बदला हुआ नाम) को लेकर जबलपुर मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। परिवार की आर्थिक तंगी इतनी अधिक थी कि माता-पिता भाई के इलाज के लिए साथ आने में असमर्थ थे। वे तीन बहने हैं और एक भाई। बहनें उससे छोटी हैं इन कठिन हालातों में भी उन्होंने अपने हिम्मत नहीं हारी और भाई को बचाने का संकल्प लिया। एक स्वास्थ्य शिविर में जब उसने एचएलए टेस्ट करवाया, तो डॉक्टरों ने उसे भाई के लिए उपयुक्त डोनर बताया।

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बहन ने छोड़ दी पढ़ाई

इसके बाद सोनम ने बिना झिझक अपनी पढ़ाई छोड़ दी और भाई के इलाज के लिए डट गई। उसका कहना था कि पढ़ाई बाद में भी हो जाएगी, लेकिन भाई की जान बचाना उसकी पहली प्राथमिकता है। डॉक्टरों की मेहनत और आयुष्मान योजना, सोशल वर्करों की मदद ने उसके संकल्प को पूरा कर दिया और आज वह अपने भाई की कलाई पर रक्षाबंधन के दिन राखी बांधेगी।

अस्पताल में 5 माह तक भर्ती रहा बच्चा

मेडिकल कॉलेज की बीएमटी यूनिट की प्रभारी डॉ. श्वेता पाठक ने बताया कि यह केस बेहद जटिल था। इस 10 साल के बच्चे को करीब पांच महीने तक अस्पताल में भर्ती रखना पड़ा, जो कि इस यूनिट का अपने आप में पहला लंबा और चुनौतीपूर्ण मामला था। हालांकि, डॉक्टरों की टीम और बहन के कड़े संघर्ष व त्याग से सफल बोनमैरो ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया गया। हाल ही में स्वस्थ होने के बाद बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। 

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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