PU Special :भाइयों की कलाई पर सजें प्यार के धागे, इसलिए 500 पोस्टमैन ने छोड़े वीक ऑफ और त्योहार की छुट्टी

अम्बरीश आनंद, ग्वालियर। राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बहन के हाथों से भाई तक पहुंचने वाली भावनाओं की डोर है। दूरी के कारण जो बहनें भाइयों तक नहीं पहुंच पातीं, उनकी राखी को कलाई तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाककर्मी निभा रहे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग के करीब 500 पोस्टमैन ने वीकऑफ और त्योहार की छुट्टियां छोड़कर राखियां पहुंचाने का जिम्मा संभाला है।
दो दिन में 1700 लोगों तक पहुंचाई राखियां
बारिश और उमस के बीच पोस्टमैन लगातार घर-घर पहुंच रहे हैं। ईद की छुट्टी के दिन भी उन्होंने ड्यूटी की और राखियों की डिलीवरी जारी रखी। पिछले दो दिनों में डाककर्मियों ने 1700 से अधिक राखियां लोगों तक पहुंचाई हैं। रक्षाबंधन को देखते हुए डाक विभाग ने अलग व्यवस्था भी की है। सुबह से देर रात तक 4 से 6 कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। बहनों की सुविधा के लिए विशेष राखी लिफाफे भी उपलब्ध कराए गए हैं। रक्षाबंधन के दिन डाकघर खुला रहेगा और आने वाले रविवार को भी सेवाएं जारी रहेंगी।
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संदेश मोबाइल से, राखी डाकिए से
मोबाइल के दौर में शुभकामनाएं भले ही चंद सेकंड में पहुंच जाती हों, लेकिन राखी के साथ जुड़ी भावनाओं की जगह कोई संदेश नहीं ले सकता। बहन के हाथों से भेजा रक्षा सूत्र जब भाई की कलाई पर सजता है, तो उसके साथ रिश्ते की गर्माहट भी पहुंचती है। डाककर्मी इसी भावना को समय पर मंजिल तक पहुंचाने में जुटे हैं।
बहनों का प्यार भाइयों तक पहुंचाने में जुटे हैं

‘मोबाइल के दौर में शुभकामनाएं संदेशों से पहुंच जाती हैं, लेकिन राखी का भाव अलग है। बहन के हाथों से भेजा रक्षा सूत्र जब भाई की कलाई पर सजता है, तो उसमें भावनाएं जुड़ी होती हैं। इन्हीं भावनाओं को समय पर मंजिल तक पहुंचाना डाक विभाग अपना कर्तव्य मानता है। डाककर्मी अपने त्योहार और वीकऑफ छोड़कर बहनों के प्यार को भाइयों तक पहुंचाने में जुटे हैं।’
अमित कुमार सिंह, प्रवर अधीक्षक डाक, ग्वालियर संभाग




















