जबलपुर। कभी-कभी जिंदगी के दर्द इतने गहरे हो जाते हैं कि इंसान सही और गलत के बीच फर्क भी नहीं कर पाता। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने श्मशान घाट में जलती चिता में कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि समाज के सामने मानसिक स्वास्थ्य और नशे की समस्या को लेकर कई सवाल भी खड़े करती है।
यह घटना सिहोरा के खितौला क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 18 में स्थित हिरन नदी के किनारे बने श्मशान घाट की है। शनिवार देर रात का समय था, जब 27 वर्षीय शिवम कोल अपने घर से चुपचाप निकल गया। उस वक्त किसी को अंदाजा भी नहीं था कि वह ऐसा खौफनाक कदम उठाने जा रहा है। सुबह जब उसकी पत्नी की नींद खुली, तो उसने देखा कि शिवम घर पर नहीं है। पहले तो उसने सोचा कि वह कहीं आसपास गया होगा, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर चिंता बढ़ गई। इसके बाद उसने अपने पिता को इसकी जानकारी दी और पूरे परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
इसी दौरान श्मशान घाट में एक अन्य परिवार अपने परिजन का अंतिम संस्कार करने पहुंचा था। जब वे लोग जलती चिता के पास पहुंचे, तो उन्होंने उसमें एक युवक का जला हुआ शव देखा। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। कुछ ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तुरंत खितौला पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को चिता से बाहर निकलवाया और जांच शुरू की। वहीं शिवम के परिजन भी उसकी तलाश करते-करते श्मशान घाट पहुंच गए। वहां मौजूद कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर शव की पहचान शिवम कोल के रूप में की गई। यह देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
शिवम कोल (27) खितौला के वार्ड नंबर 15 में राधा कृष्ण मंदिर के पीछे रहता था। वह एक साधारण परिवार से था और खितौला में ही एक दुकान पर आलू बंडा बनाने का काम करता था। परिवार के मुताबिक, वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसके अलावा उसे नशे की भी लत थी, जो उसकी हालत को और खराब कर रही थी।
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परिजनों ने बताया कि शिवम अक्सर तनाव में रहता था और कई बार उसका व्यवहार भी असामान्य हो जाता था। नशे की लत ने उसकी जिंदगी को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया था।
शिवम अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और आसपास के लोगों के अनुसार, शिवम मेहनती था, लेकिन उसकी आदतों और मानसिक स्थिति ने धीरे-धीरे उसे इस अंजाम तक पहुंचा दिया।
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खितौला थाना के एसआई आरबी मिश्रा के अनुसार, परिजनों ने शव की पहचान शिवम कोल के रूप में की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि घटना के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।
यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संकेत भी है। मानसिक स्वास्थ्य और नशे की समस्या को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। जरूरत है कि ऐसे लोगों को समय पर सहारा मिले, उन्हें समझा जाए और सही इलाज या काउंसलिंग दी जाए।