ठंडे पेयों का बढ़ता बाजार:ठेला से लेकर ब्रांड तक 1अरब का सालाना रिकॉर्ड

जबलपुर में ठंडे पेयों का कारोबार हर साल गर्मी के साथ नई ऊंचाइयों को छूता नजर आता है। कोल्ड ड्रिंक्स, लस्सी, गन्ना रस, आइसक्रीम और कुल्फी जैसे उत्पादों की बढ़ती मांग ने इस सेक्टर को शहर की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बना दिया है।
ठेला से लेकर ब्रांड तक 1अरब का सालाना रिकॉर्ड
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    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। जैसे ही गर्मी दस्तक देती है, ठंडे पेयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। कोल्ड ड्रिंक्स, लस्सी, गन्ना रस, बर्फ, आइसक्रीम और कुल्फी जैसे उत्पाद लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं। इस पूरे सेक्टर ने शहर में एक मजबूत और स्थायी कारोबार का रूप ले लिया है, जो हर साल हजारों परिवारों की आजीविका का सहारा बनता है।

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    सालाना करोड़ों रुपए का कारोबार

    शहर में ठंडे पेयों और आइसक्रीम का कुल कारोबार सालाना लगभग 90 से 100 करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है। खास बात यह है कि गर्मी के सिर्फ 3 से 4 महीनों में ही लगभग 50 करोड़ रुपयए का कारोबार हो जाता है। यह आंकड़ा इस उद्योग की मौसमी मांग और उसकी तेज ग्रोथ को दर्शाता है।

    हजारों परिवारों की आजीविका का आधार

    इस व्यवसाय से करीब 5 हजार परिवार सीधे जुड़े हुए हैं। इनमें दुकान संचालक, ठेले वाले, सप्लायर और डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। शहर में लगभग 1000 छोटी-बड़ी दुकानें इस कारोबार का हिस्सा हैं। इसके अलावा करीब 2000 लोग ठेले के माध्यम से गन्ना जूस, कुल्फी और अन्य ठंडे पेय बेचते हैं। वहीं लगभग 2000 कर्मचारी सप्लाई चेन और अन्य व्यवस्थाओं में काम करते हैं।

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    कारोबारियों की राय और अनुभव

    विकास मित्तल डायरेक्टर, कोका-कोला बॉटलिंग प्लांट, रिछाई का कहना है कि इस बार शीतल पेय का बाजार बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनके अनुसार प्लांट में कामकाज संतोषजनक चल रहा है और उत्पादन सामान्य से अच्छा है

    वहीं कमर रजा, जो फूटाताल चौक पर आइसक्रीम और ठंडे पेय की दुकान संचालित करते हैं, बताते हैं कि गर्मी के मौसम में बिक्री काफी बढ़ जाती है। उनके अनुसार बाकी सीजन में बिक्री घटती है, लेकिन गर्मियों में ग्राहकी अच्छी रहती है।

    मनीष मालवीय, एक लस्सी व्यवसायी हैं जो कहते हैं कि उनका कारोबार लगातार अच्छा चल रहा है। उनके अनुसार एक दुकान पर ही 4-5 कर्मचारी काम करते हैं और ग्राहक शुद्धता व सफाई को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें उम्मीद है कि यह सीजन पिछले सालों की तुलना में बेहतर रहेगा।

    गर्मी में बढ़ती मांग, सर्दियों में गिरावट

    गर्मी शुरू होते ही बाजार में ठंडे पेयों की बिक्री में तेजी आ जाती है। कोल्ड ड्रिंक्स जैसे कोका-कोला, स्प्राइट, थम्सअप, मिरिंडा और अन्य ब्रांड्स की मांग बढ़ जाती है। साथ ही लस्सी, ठंडाई, जूस और शरबत जैसे पारंपरिक पेय भी खूब बिकते हैं। दूसरी ओर, सर्दियों में यह कारोबार थोड़ा धीमा हो जाता है, लेकिन गर्मी का सीजन पूरे साल की कमाई का बड़ा हिस्सा दे देता है।

    फैक्ट्री और सप्लाई चेन की सक्रियता

    इस क्षेत्र में सप्लाई चेन और उत्पादन इकाइयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। The Coca-Cola Company से जुड़े बॉटलिंग प्लांट्स में उत्पादन और वितरण का काम गर्मी के दौरान तेज हो जाता है, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इससे न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बनते हैं।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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