ट्रंप परिवार पर खतरा? ईरान के निशाने पर इवांका ट्रंप, IRGC ने रची डोनाल्ड ट्रंप की बेटी की हत्या की साजिश!

वॉशिंगटन। अमेरिका में एक कथित सुरक्षा खतरे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की साजिश के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार एक इराकी नागरिक मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर ईरान समर्थित नेटवर्क से जुड़े होने के गंभीर आरोप हैं। दावा किया जा रहा है कि वह कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था और इसी वजह से उसने ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की योजना बनाई। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
इवांका ट्रंप को निशाना बनाने के आरोपों से मचा हड़कंप
अमेरिका में सामने आए इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पर आरोप है कि वह ट्रंप परिवार के खिलाफ बदले की भावना रखता था। दावा किया गया है कि उसने इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह कथित साजिश 2020 में हुए उस अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद शुरू हुई, जिसमें ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपी के विचारों में गुस्सा और बदले की भावना बढ़ने की बात कही जा रही है।
गिरफ्तारी और पूछताछ का पूरा मामला
मोहम्मद अल-सादी को 15 मई को तुर्किये में गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद उसे अमेरिका लाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है। अमेरिकी न्याय विभाग का दावा है कि वह यूरोप और अमेरिका में कई कथित हमलों और साजिशों से जुड़ा रहा है। हालांकि आरोपी की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। एजेंसियां उसके नेटवर्क और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि यह समझा जा सके कि वह अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े समूह का हिस्सा था।
फ्लोरिडा घर के नक्शे और सोशल मीडिया से बढ़ा शक
जांच रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि आरोपी के पास इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुश्नर के फ्लोरिडा स्थित घर का नक्शा पाया गया था। इसके अलावा उसने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उस इलाके की तस्वीरें भी साझा की थीं। कुछ पोस्ट में धमकी भरे संदेश भी शामिल बताए गए हैं, जिनमें सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने जैसी बातें कही गई थीं। इन गतिविधियों के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने मामले को गंभीर खतरे के रूप में देखा और जांच तेज कर दी।
कई देशों में कथित हमलों से जुड़ाव के दावे
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार आरोपी पर यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कई हमलों और हिंसक घटनाओं से जुड़ने के आरोप हैं। इनमें एम्स्टर्डम में एक बैंक पर फायरबॉम्ब हमला, लंदन में चाकू से हमले और टोरंटो में अमेरिकी दूतावास के पास गोलीबारी जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया है। इसके अलावा बेल्जियम और रॉटरडैम में धार्मिक स्थलों पर हमलों की साजिशों में भी उसका नाम सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि इन सभी मामलों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक पूरी तरह नहीं हो सकी है।
ये भी पढ़ें: मीम से शुरू हुआ ट्रेंड अब सीमा पार : पाकिस्तान में वायरल हुई ‘कॉकरोच अवामी पार्टी’, युवा बोले- मकसद वही है
ईरान और IRGC से जुड़े होने के आरोप
आरोपी का संबंध ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC और कताइब हिजबुल्लाह जैसे संगठनों से रहा है। कहा जा रहा है कि बचपन में उसे ईरान भेजा गया था, जहां उसे प्रशिक्षण मिला। बाद में उसने एक ट्रैवल एजेंसी शुरू की, जिसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय यात्रा और संपर्कों के लिए किया जाता था। जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या वह किसी संगठित नेटवर्क के निर्देशों पर काम कर रहा था या अपने स्तर पर गतिविधियां कर रहा था।











