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आग का गोला बना Starship!टेक्सास से उड़ान, समंदर में धमाका... फिर भी क्यों जश्न मना रहा है SpaceX?

SpaceX के स्टारशिप V3 टेस्ट मिशन में हिंद महासागर में जोरदार धमाका हुआ, लेकिन NASA और Elon Musk की टीम ने इसे बड़ी सफलता बताया। जानिए कैसे यह मिशन इंसानों को चांद और मंगल तक पहुंचाने की तैयारी का अहम हिस्सा बन गया है।
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टेक्सास से उड़ान, समंदर में धमाका... फिर भी क्यों जश्न मना रहा है SpaceX?

टेक्सास। दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति और स्पेस टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा नाम बन चुके एलन मस्क की कंपनी SpaceX एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बना है कंपनी का सबसे ताकतवर और विशाल स्पेसक्राफ्ट Starship, जिसने टेस्ट फ्लाइट के दौरान ऐसा नजारा दिखाया कि पूरी दुनिया की नजरें उस पर टिक गईं।

टेक्सास से उड़ान भरने के बाद स्टारशिप ने अंतरिक्ष में अपना मिशन पूरा किया, लेकिन वापसी के दौरान समुद्र में उतरते ही जोरदार धमाके के साथ मलबे में बदल गया। इस लाइव ब्लास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि SpaceX और NASA दोनों ने इस मिशन को बड़ी सफलता बताया है।

टेक्सास से हुई दुनिया के सबसे बड़े रॉकेट की लॉन्चिंग

SpaceX ने अपने नए Starship V3 सिस्टम की टेस्ट फ्लाइट शनिवार को टेक्सास स्थित स्टारबेस फैसिलिटी से लॉन्च की। इस मिशन के लिए सुपर हैवी बूस्टर का इस्तेमाल किया गया, जिसे दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट बूस्टर माना जाता है।

लॉन्च के दौरान दर्जनों रैप्टर इंजनों की ताकत से पूरा लॉन्च पैड आग और धुएं से भर गया। विशाल रॉकेट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी और कुछ ही मिनटों बाद मिशन का सबसे अहम हिस्सा यानी stage separation भी पूरा कर लिया।

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अंतरिक्ष में पहुंचा स्टारशिप, पृथ्वी का लगाया चक्कर

बूस्टर से अलग होने के बाद स्टारशिप अंतरिक्ष की ओर बढ़ता गया। मिशन के दौरान स्पेसक्राफ्ट ने पृथ्वी की कक्षा के आसपास उड़ान भरी और फिर वापस धरती की ओर लौटना शुरू किया। SpaceX के वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस मिशन का मकसद सिर्फ लॉन्च करना नहीं था, बल्कि स्टारशिप की reusability यानी दोबारा इस्तेमाल करने की क्षमता को टेस्ट करना भी था। यही तकनीक भविष्य में इंसानों को चांद और मंगल ग्रह तक ले जाने में सबसे अहम मानी जा रही है।

वापसी के दौरान हुआ बड़ा धमाका

मिशन का सबसे रोमांचक और खतरनाक हिस्सा तब शुरू हुआ, जब स्टारशिप और उसका सुपर हैवी बूस्टर वापस धरती की ओर लौटने लगे। वायुमंडल में प्रवेश करते समय रॉकेट की स्पीड कम करने के लिए लैंडिंग बर्न प्रोसेस शुरू किया गया। SpaceX ने हिंद महासागर के एक सुनसान इलाके को स्पलैशडाउन (पानी में उतरना) के लिए पहले से तय किया था।

लेकिन जैसे ही स्टारशिप पानी के करीब पहुंचा, अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। लाइव प्रसारण में दिखाई दिया कि विशाल रॉकेट आग के गोले में बदल गया। धमाके की तस्वीरें और वीडियो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

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SpaceX ने क्यों कहा- मिशन सफल रहा?

आमतौर पर ऐसे धमाकों को बड़ी असफलता माना जाता है, लेकिन SpaceX का दावा है कि यह विस्फोट उनके टेस्ट प्लान का हिस्सा था। कंपनी के इंजीनियरों का कहना है कि इस मिशन का असली मकसद अलग-अलग सिस्टम की टेस्टिंग और डेटा जुटाना था।

SpaceX के मुताबिक, स्टारशिप ने लॉन्चिंग, स्टेज सेपरेशन, ऑर्बिट ऑपरेशन और री-एंट्री जैसे कई अहम टारगेट सफलतापूर्वक पूरे किए। यही वजह है कि कंपनी इसे फेलियर नहीं बल्कि प्रोग्रेस मान रही है।

NASA ने भी की तारीफ

इस टेस्ट मिशन के बाद अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने भी खुशी जताई। NASA के अधिकारियों ने कहा कि, स्टारशिप का नया V3 सिस्टम इंसानों को दोबारा चांद पर भेजने के मिशन को नई रफ्तार दे सकता है। NASA एडमिनिस्ट्रेटर जैरेड आइजैकमैन ने लॉन्च की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि, यह मिशन चांद के एक कदम और करीब, मंगल के भी एक कदम और करीब पहुंचने जैसा है।

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Starship V3 में क्या है खास?

स्टारशिप का यह नया V3 वर्जन पुराने मॉडल की तुलना में ज्यादा एडवांस माना जा रहा है। इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

  • ज्यादा वजन ले जाने की क्षमता
  • बेहतर reusability सिस्टम
  • ज्यादा सुरक्षित इंजन टेक्नोलॉजी
  • लंबी दूरी के मिशन के लिए मजबूत डिजाइन
  • इंसानों को स्पेस में ले जाने के लिए बेहतर कंट्रोल सिस्टम

NASA का मानना है कि यही तकनीक Artemis Mission में इस्तेमाल की जा सकती है।

चांद और मंगल मिशन का भविष्य

NASA लंबे समय से Artemis Mission के जरिए इंसानों को दोबारा चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजने की योजना भी बनाई जा रही है। ऐसे में स्टारशिप को सबसे अहम स्पेसक्राफ्ट माना जा रहा है। अगर SpaceX इस सिस्टम को पूरी तरह सफल बना लेता है, तो आने वाले समय में इंसानों की चांद और मंगल तक की यात्रा आसान हो सकती है।

क्यों अहम है यह टेस्ट?

हालांकि मिशन के आखिर में धमाका हुआ, लेकिन स्पेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे टेस्ट भविष्य की बड़ी सफलता की नींव होते हैं। SpaceX पहले भी कई बार टेस्टिंग के दौरान रॉकेट खो चुका है, लेकिन हर बार कंपनी ने उन गलतियों से सीखकर तकनीक को और मजबूत बनाया है। यही वजह है कि दुनिया आज SpaceX के हर मिशन पर नजर बनाए हुए है। क्योंकि यह सिर्फ एक रॉकेट टेस्ट नहीं, बल्कि इंसानों के भविष्य की अंतरिक्ष यात्रा का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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