अब एआई बताएगा योगासन सही है या गलत!SGSITS के शोधकर्ताओं ने तैयार किया रियल टाइम योगा कोच

पीपुल्स संवाददाता, इंदौर। श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस(एसजीएसआईटीएस) के शोधकर्ता एक ऐसा एआई आधारित योगा कोच विकसित कर रहे हैं, जो योग करते समय शरीर की गलत मुद्रा को तुरंत पहचानकर सुधार के सुझाव देगा। यह सिस्टम मोबाइल या लैपटॉप कैमरे के जरिए यूजर की बॉडी पोस्टर मॉनिटरिंग करेगा और गलत योगासन होने पर तुरंत अलर्ट देगा।
मेगा प्रोजेक्ट के लिए 7.1 लाख रु. की मंजूरी मिली
इस प्रोजेक्ट के लिए मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने 7.1 लाख रुपए की रिसर्च ग्रांट मंजूर की है। “रियल टाइम पोजिशन पहचान और अलर्ट सिस्टम के जरिए मशीन लर्निंग आधारित योग अभ्यास सुधार परियोजना” शीर्षक वाले इस दो वर्षीय प्रोजेक्ट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विजन तकनीक की मदद से स्मार्ट योगा कोचिंग प्लेटफॉर्म तैयार करना है।
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कैमरा ऑन रखते ही शुरू होगी मॉनिटरिंग
रिसर्च टीम के अनुसार, योग करते समय यूजर को कैमरा ऑन रखना होगा। एआई सिस्टम लाइव वीडियो के जरिए शरीर की गतिविधियों और जोड़ों की स्थिति को ट्रैक करेगा। मीडियापाइप और ओपनपोज जैसी “पोज एस्टिमेशन” तकनीकों की मदद से सिस्टम यह जांचेगा कि हाथ, पैर, गर्दन और रीढ़ सही एंगल में हैं या नहीं। गलत मुद्रा मिलने पर स्क्रीन पर तुरंत विजुअल अलर्ट और सुधार संबंधी सुझाव दिखाई देंगे, जिससे चोट का खतरा कम हो सकेगा।
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घर बैठे मिलेगा वर्चुअल योग की ट्रैनिंग
इस रिसर्च का नेतृत्व आईटी विभाग के प्रोफेसर और डीन (एआरएसडी) ललित पुरोहित कर रहे हैं, जबकि सह-प्रमुख अन्वेषक के रूप में सहायक प्राध्यापक उपेंद्र सिंह जुड़े हैं। रिसर्च टीम ने संस्थान परिसर में छात्रों और योग अभ्यासकर्ताओं के सत्र रिकॉर्ड कर विशेष योग डेटा सेट भी तैयार किया है। इसके अलावा योगा-82, कोको की-पॉइंट्स और एमपीआईआई ह्यूमन पोज डेटा सेट जैसे सार्वजनिक डेटा सेट का भी उपयोग किया जा रहा है। संस्थान के निदेशक डॉ. नितेश पुरोहित ने इसे सामाजिक प्रभाव वाला नवाचार आधारित शोध बताया।











