Marco Rubio India Visit:अमेरिका के टॉप डिप्लोमैट मार्को रुबियो पहली बार भारत पहुंचे, कोलकाता से शुरू हुआ दौरा

कोलकाता। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर कोलकाता पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच कई रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा चल रही है। चार दिन की इस यात्रा में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके साथ ही वे क्वाड देशों की अहम बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोलकाता में हुआ भव्य स्वागत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा कोलकाता से शुरू हुआ। उनका विमान सुबह शहर में उतरा, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। कोलकाता में अपने पहले दिन वे कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का दौरा कर सकते हैं। इनमें मदर टेरेसा की संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी का मुख्यालय और उनकी समाधि शामिल है। इसके अलावा विक्टोरिया मेमोरियल जैसे स्थानों पर भी उनके जाने की संभावना है। इस दौरे को सांस्कृतिक और कूटनीतिक दोनों नजरिए से अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात
कोलकाता के बाद रुबियो सीधे नई दिल्ली जाएंगे, जहां उनकी सबसे अहम मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तय है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापारिक समझौते और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इस बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा और निवेश जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। दोनों देशों के बीच हाल के समय मं कुछ मतभेद भी सामने आए हैं, ऐसे में यह बैठक रिश्तों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता पर नजर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच होने वाली बैठक भी काफी अहम है। इस वार्ता में दोनों देश ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा लोगों के बीच संपर्क और शिक्षा क्षेत्र में साझेदारी को भी मजबूत करने पर विचार होगा। दोनों नेता वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बातचीत कर सकते हैं।
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क्वाड बैठक से बढ़ेगा सहयोग
रुबियो की यात्रा का एक बड़ा हिस्सा क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की बैठक है। यह बैठक दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, व्यापार और सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी। इस मंच को चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी सदस्य देश क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की योजना पर बात करेंगे।
व्यापार, तकनीक और ऊर्जा पर फोकस
इस दौरे के दौरान भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और तकनीक पर विशेष जोर रहेगा। सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी और निवेश जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। ऊर्जा क्षेत्र भी बातचीत का बड़ा हिस्सा रहेगा, खासकर वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए। दोनों देश आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और नए समझौतों पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
तनाव के बाद रिश्तों को सुधारने की कोशिश
पिछले कुछ समय में भारत और अमेरिका के संबंधों में कुछ तनाव देखा गया था। टैरिफ, वीजा नीति और कुछ राजनीतिक बयानों को लेकर मतभेद सामने आए थे। हालांकि अब दोनों देश इन मुद्दों को पीछे छोड़कर सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल की उच्च स्तरीय बातचीतों से संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष रिश्तों को मजबूत करने के लिए गंभीर हैं।
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आगे का दौरा: आगरा और जयपुर की यात्रा
दिल्ली कार्यक्रमों के बाद मार्को रुबियो आगरा और जयपुर का भी दौरा करेंगे।
इस दौरान वे भारत की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने की कोशिश करेंगे। इसके बाद वे फिर से दिल्ली लौटेंगे और क्वाड बैठक में शामिल होंगे। यह पूरा दौरा 23 मई से 26 मई तक चलेगा और इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर माना जा रहा है।











