इटारसी में छात्राओं से बदसलूकी के आरोप, AISF मामले में युवा कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग

इटारसी | इटारसी रेलवे स्टेशन पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के छात्र-छात्राओं को कथित तौर पर बल प्रयोग कर ट्रेन से उतारने और हिरासत में लेने की घटना ने प्रशासनिक और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संवेदनशील और गर्माते मामले पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुफरान अंसारी ने कड़े तेवर दिखाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप
गुफरान अंसारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान खुलासा किया कि हिरासत में ली गई कुछ छात्राओं ने पुलिस बल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।छात्राओं का कहना है कि पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ बदसलूकी की गई, अनुचित तरीके से छुआ गया और उनके कपड़े तक खींचे गए।श्री अंसारी ने इन संगीन आरोपों की तत्काल और निष्पक्ष न्यायिक/प्रशासनिक जांच की मांग करते हुए कहा कि इसमें जो भी दोषी पाया जाए,उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
PU Special : एमपी में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर AI से नजर, एक महीने में RF टैग लगाना अनिवार्य
संविधान से चलता है देश, पुलिस का काम आवाज दबाना नहीं
घटना की रात जब राष्ट्रीय प्रवक्ता गुफरान अंसारी अन्य नेताओं के साथ छात्रों से मिलने पहुंचे,तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया।इस तानाशाही रवैये पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने थाना प्रभारी सौरभ पांडे को दो टूक शब्दों में चेताया:"यह देश किसी सरकार या पुलिस की मनमर्जी से नहीं,बल्कि बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर के बनाए गए संविधान से चलता है। पुलिस का मूल कर्तव्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है,न कि सत्ता के इशारे पर युवाओं की आवाज को दबाना।"
निष्पक्ष जाँच
AISF छात्र-छात्राओं के साथ हुई बल जबर्दस्ती और छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर दुर्व्यवहार के आरोपों की उच्चस्तरीय जाँच हो।जाँच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर तुरंत सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए। हिरासत में लिए गए सभी छात्रों के कानूनी और मानवाधिकारों का पूरा सम्मान हो।
कार्रवाई का आधार स्पष्ट हो
पुलिस प्रशासन द्वारा छात्रों को रोके जाने और हिरासत में लेने के कानूनी आधार को सार्वजनिक किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने दोटूक कहा है कि यदि पुलिस और प्रशासन का यह अलोकतांत्रिक रवैया नहीं बदला,तो युवा कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
EDIT BY: ADITI RAWAT




















