अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला किया, जिससे तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में सिलसिलेवार धमाके हुए। अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन और वायुसेना सक्रिय हो गई, जबकि ईरान ने कड़ा जवाब देते हुए कहा, हमलावरों को कुचल देंगे।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार राजधानी तेहरान में कई तेज धमाके सुने गए हैं। अधिकारियों ने इन आवाजों की पुष्टि की है। हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में रहस्यमयी धमाकों और आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पहले ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।
ईरान पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंंप का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु शक्ति नहीं बनने दिया जाएगा। वीडियो में आगे ईरान को लेकर एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान की सेना और सुरक्षा बलों से कहा है कि वे हथियार डाल दें, वरना उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रम्प के अनुसार, ईरान की गतिविधियां अमेरिका, वहां तैनात सैनिकों, विदेशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा बन रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई वर्षों से ईरानी सरकार अमेरिका के खिलाफ काम कर रही है ।
इजरायल में बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए वहां स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे बहुत सतर्क रहें और बेवजह बाहर न निकलें। साथ ही स्थानीय इजरायली अधिकारियों और ‘होम फ्रंट कमांड’ द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की भी अपील की गई है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सुरक्षा कारणों से तेहरान से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें एक सुरक्षित और गोपनीय स्थान पर शिफ्ट किया गया है।

हमले के बाद तेहरान के कई इलाकों में आग की लपटें और काला धुआं उठता देखा गया। शहर में डर और अफरा-तफरी का माहौल है।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने जानकारी दी है कि इजरायल ने ईरान पर हमला किया है। उनके मुताबिक यह एक एहतियाती कदम था। यानी संभावित खतरे को देखते हुए इजरायल ने पहले कार्रवाई की।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने सोशल मीडिया पर बताया कि देशभर में सायरन बजाए गए। मोबाइल फोन पर भी अलर्ट भेजा गया, जिसमें लोगों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने की सलाह दी गई। IDF के मुताबिक यह अलर्ट इसलिए जारी किया गया है क्योंकि इजरायल की ओर मिसाइल दागे जाने की आशंका है। सेना ने लोगों से कहा है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित जगहों के पास ही रहें।
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए कई देशों ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह दी है।
अमेरिका की सख्त चेतावनियों के बाद इजरायल ने ईरान पर हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पहले से ईरान के खिलाफ कड़ा रुख दिखाते रहे हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल ने एक साथ करीब 30 जगहों को निशाना बनाया।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों से क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। स्थिति तेजी से बदल रही है।