शनिवार सुबह धार्मिक नगरी उज्जैन में एक खास नजारा देखने को मिला। देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका दौरा शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ।
धनखड़ ने गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और देश की उन्नति, शांति और समृद्धि की कामना की। उनके साथ मंदिर प्रशासन के अधिकारी और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे।
महाकाल मंदिर की भस्म आरती पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह आरती सुबह ब्रह्म मुहूर्त में होती है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। धनखड़ ने भी इसी पवित्र आरती में भाग लिया। आरती के दौरान मंदिर में हर हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
पूजा के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि समाज को अहंकार, नफरत, बदले की भावना और जलन से ऊपर उठना चाहिए। उनके शब्दों में, अगर देश को आगे बढ़ाना है तो आपसी सद्भाव और प्रेम जरूरी है। उन्होंने सभी नागरिकों के स्वस्थ और खुशहाल रहने की प्रार्थना की।
बातचीत के दौरान धनखड़ ने अपने किसान परिवार से जुड़े होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे किसानों की मेहनत और संघर्ष को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था की असली ताकत गांव और खेतों में बसती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं पर रहकर देश की रक्षा करते हैं। उनका बलिदान शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। देश हमेशा किसानों और सैनिकों का ऋणी रहेगा। उन्होंने भगवान महाकाल से प्रार्थना की कि देश के इन दोनों स्तंभों को शक्ति और सम्मान मिलता रहे।
पूर्व उपराष्ट्रपति की इस यात्रा को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहे। भस्म आरती के दौरान मौजूद श्रद्धालुओं ने धनखड़ का स्वागत किया। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी लीं।
उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद धनखड़ लंबे समय तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहे थे। स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में भागीदारी कम कर दी थी। हाल ही में वे गणतंत्र दिवस 2026 परेड के दौरान भी नजर आए थे। उस समय वे दर्शक दीर्घा में बैठे हुए दिखाई दिए थे।