अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जोरदार हमला किया, जिसके बाद राजधानी तेहरान में कई धमाके सुनाई दिए। अमेरिकी युद्धपोत को सक्रिय कर दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने दिया जाएगा और ईरानी सेना से हथियार डालने को कहा। उन्होंने सख्त चेतावनी भी दी।
इसी बीच, ईरान में हाल के दिनों में रहस्यमयी धमाकों और आग लगने की घटनाओं से पहले ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। रुशलम और तेल अवीव में सायरन सुनाई दे रहे हैं। सेना के मुताबिक, ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई में मिसाइल दागे जाने की आशंका है, इसलिए पूरे देश में अलर्ट जारी किया गया है। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
वहीं अब इन हमलों के जवाब में ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने कहा है कि वह हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। सरकारी बयानों में इजरायल और अमेरिका को सीधी चेतावनी दी गई है। ईरान का कहना है कि जंग की शुरुआत भले दुश्मनों ने की हो, लेकिन इसे खत्म ईरान ही करेगा। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ हमला करते हुए करीब 70 मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पोर्ट सिटी बुशहर से इस कार्रवाई की शुरुआत हुई। हमले के बाद इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
इसी बीच इजरायल के उत्तरी हिस्से में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। उस समय इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों को हवा में ही रोकने की कोशिश कर रहा था।
फिलहाल, किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और स्थिति को संवेदनशील बताया जा रहा है।
ईरान ने बहरीन में अमेरिका के सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। उधर कतर में अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकाने को खाली करवा लिया है।
इजरायल ने ईरान पर अब तक करीब 30 जगहों पर हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी Tehran स्थित राष्ट्रपति भवन को भी निशाना बनाया गया। शहर में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। मेहराबाद एयरपोर्ट के पास भी विस्फोट की खबर है। हमले के बाद तेहरान के कई इलाकों में आग की लपटें और काला धुआं उठता देखा गया। लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Ali Khamenei को सुरक्षा कारणों से तेहरान से हटाकर एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
अमेरिका की चेतावनियों के बीच यह हमला हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति पहले से ईरान के खिलाफ सख्त रुख दिखाते रहे हैं। अमेरिका-ईरान के बीच पहले से जारी तनाव के बीच यह घटनाक्रम हालात को और नाज़ुक बना रहा है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। स्थिति तेजी से बदल रही है और मिडिल ईस्ट में संकट गहराता जा रहा है।