इंदौर। शहर में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हीरानगर थाना क्षेत्र में ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपति को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और सुनियोजित साजिश के तहत उनसे 1.15 करोड़ रुपए ठग लिए। हैरानी की बात यह है कि करीब तीन महीने तक मानसिक दबाव में रखे गए पीड़ित दंपति से करोड़ों की रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी फरार हो गए, जिसके बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक बजरंग नगर निवासी सुमन लता सक्सेना (77) पत्नी विजय शंकर सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर 2025 को मोबाइल नंबर 8402823868 और 8511309468 से लगातार कॉल आए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए उन्हें किसी गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी और गिरफ्तारी का भय पैदा किया।
आरोपियों ने दंपति को कानूनी कार्रवाई और जेल भेजने का डर दिखाकर वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा और 30 नवंबर 2025 तक कथित रूप से “डिजिटल अरेस्ट” में बनाए रखा। इस दौरान ठग लगातार मानसिक दबाव बनाते रहे और खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर निर्देश देते रहे।
डरे-सहमे बुजुर्ग दंपति से आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर आरटीजीएस के माध्यम से रकम ट्रांसफर करवाई। ठगों ने उन्हें अकाउंट नंबर 924010008255831 और 01013300009072 में कुल 1 करोड़ 15 लाख रुपए जमा कराने के लिए मजबूर कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला दर्ज कर लिया गया है और मोबाइल नंबरों, बैंक खातों तथा डिजिटल ट्रांजेक्शन की साइबर जांच शुरू कर दी गई है।