Israel Lebanon Attack:इजरायल का बड़ा हमला! हिजबुल्लाह के 150 ठिकानों पर बरसीं मिसाइलें, सेना के बड़े अधिकारियों की मौत

इजरायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका की मध्यस्थता में युद्धविराम की बातचीत चल रही है, लेकिन इसके बावजूद इजरायली सेना लगातार हमले कर रही है। ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के करीब 150 ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण बमबारी की है। इन हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें लेबनानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और संघर्ष रोकने की कोशिशें की जा रही थीं। लेकिन जमीनी हालात बता रहे हैं कि फिलहाल शांति की राह आसान नहीं दिख रही है।
दक्षिणी लेबनान में इजरायल का बड़ा ऑपरेशन
इजरायली सेना ने शनिवार को दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में एक साथ हवाई हमले किए। सेना का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह के सैन्य ठिकानों और उसके लड़ाकों को निशाना बनाकर किए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 150 अलग-अलग ठिकानों पर बमबारी की गई। इन हमलों के बाद कई इलाकों में भारी तबाही देखने को मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोगों में दहशत का माहौल है।
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लेबनानी सेना के बड़े अधिकारी की मौत
हमले में लेबनानी सेना को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। लेबनानी सेना ने जानकारी दी कि खारदाली-नबातीह रोड पर एक सैन्य वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें एक ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक सैनिक की मौत हो गई। मारे गए अधिकारियों की पहचान ब्रिगेडियर जनरल वस्साम सबरा, कैप्टन एली खौरी और सैनिक हुसैन गोजल के रूप में हुई है। लेबनानी सेना का कहना है कि सैन्य वाहन नियमित ड्यूटी पर था और उस पर किया गया हमला बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
इजरायल ने क्या कहा?
इजरायली सेना ने हमले का बचाव करते हुए कहा कि यह कार्रवाई एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र में की गई थी। सेना के मुताबिक, हिजबुल्लाह लगातार अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है और इसी वजह से उसके ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजरायल का दावा है कि वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और सीमा पर बढ़ते खतरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई कर रहा है।
लेबनानी सेना ने लगाया गंभीर आरोप
दूसरी ओर, लेबनानी सेना ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सेना ने बयान जारी कर कहा कि इजरायल की बार-बार की जा रही सैन्य कार्रवाई किसी भी संभावित समाधान और शांति प्रयासों को कमजोर कर रही है। लेबनानी सेना का कहना है कि लगातार हो रहे हमले क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने की हमले की निंदा
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह हमला लेबनान की संप्रभुता पर सीधा हमला है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले पर ध्यान देने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कदम उठाने की अपील की है।
वहीं प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों और सैन्य अधिकारियों की मौत बेहद दुखद है।
शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने एक आधिकारिक बयान जारी कर मारे गए अधिकारियों और सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश अपने बहादुर सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। प्रधानमंत्री ने सेना के सभी जवानों और अधिकारियों को भी इस कठिन समय में हिम्मत बनाए रखने का संदेश दिया।
पहले भी कर चुका है हमला
यह पहली बार नहीं है जब इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया हो। कुछ दिन पहले भी इजरायली वायुसेना ने पूर्वी बेका घाटी सहित कई इलाकों में हवाई हमले किए थे। इन हमलों में हिजबुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इजरायल का कहना है कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई कर रहा है।
नेतन्याहू ने दी थी सख्त चेतावनी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी सरकार हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा था कि अगर इजरायल की सुरक्षा को खतरा पहुंचा तो सैन्य अभियान और तेज किया जाएगा। नेतन्याहू का यह बयान उस समय आया था जब हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजरायल के क्षेत्रों में ड्रोन हमलों का दावा किया था।
क्या और बढ़ सकता है तनाव?
अगर दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रही तो यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है। अमेरिका समेत कई देश लगातार तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात फिलहाल शांति की उम्मीदों को कमजोर करते नजर आ रहे हैं।











