इस्लामाबाद। कूटनीति की मेज पर इस वक्त शब्द नहीं, शर्तें टकरा रही हैं। इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता से ठीक पहले ईरान ने अमेरिका को साफ और सख्त संदेश भेजकर माहौल गरमा दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति इस वक्त इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उनकी पहली मुलाकात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ से होगी। इसके तुरंत बाद ईरान के साथ शांति डील पर मुख्य बातचीत शुरू होगी।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी होटल पहुंच गए हैं। वे इस हाई-स्टेक मीटिंग में अमेरिकी टीम की अगुवाई करेंगे। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक आधिकारिक शेड्यूल सार्वजनिक नहीं किया गया है जो इस पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा संवेदनशील बना रहा है।
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने स्पष्ट कर दिया है कि बातचीत की राह तभी खुलेगी जब अमेरिका अमेरिका फर्स्ट की नीति के साथ आएगा न कि इजरायल फर्स्ट एजेंडे के साथ। यह बयान सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक रेड लाइन की तरह देखा जा रहा है।
ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका अपने पारंपरिक सहयोगी इजरायल के पक्ष में झुककर बातचीत करता है, तो किसी भी तरह की डील की उम्मीद खत्म हो जाएगी। तेहरान ने संकेत दिया है कि ऐसी स्थिति में वह अपनी सुरक्षा और सैन्य रणनीति को और ज्यादा मजबूत करेगा जिसका असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा सकता है।