देवास।
मिनी सुपर कॉरिडोर परियोजना के लिए जमीन चिन्हांकन के दौरान शनिवार सुबह नागुखेड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रशासन की टीम जैसे ही जमीन पर मार्किंग करने पहुंची, किसानों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विरोध इतना बढ़ा कि एक किसान जेसीबी मशीन के सामने ही जमीन पर लेट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
किसानों का आरोप- जबर्दस्ती हो रही कार्रवाई
किसानों का कहना है कि बिना उनकी सहमति और स्पष्ट मुआवजा प्रक्रिया के जमीन पर जबरन मार्किंग की जा रही है। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की।
भारी पुलिसबल तैनात, समझाइश जारी
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध लगातार जारी रहा। सुबह से ही क्षेत्र में हंगामे का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन का दावा- नियमानुसार हो रही प्रक्रिया
प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है। वहीं किसान मार्केट रेट पर मुआवजा और उचित शर्तों की मांग पर अड़े हुए हैं।
5 किमी का प्रोजेक्ट, वर्षों से अटका
बताया जा रहा है कि मिनी सुपर कॉरिडोर लगभग 5 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जो उज्जैन रोड को इंदौर रोड से जोड़ेगा। यह एक सेमी-कमर्शियल परियोजना है, जिसकी चौड़ाई करीब 500 मीटर और सड़क की चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित है। करीब 5 वर्षों से लंबित इस परियोजना का कुछ हिस्सा नागुखेड़ी क्षेत्र में विकसित भी किया जा चुका है, जबकि आगे का हिस्सा इंदौर रोड के टाटा चौराहे तक बनाया जाना है।
मुआवजे पर अटका पेंच
योजना के तहत किसानों को 50 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने का प्रावधान है, लेकिन किसान इसके बजाय बाजार दर पर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।