Strait of Hormuz Conflict:होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आमने-सामने आए ईरान और अमेरिका

लेबनान में हालिया इजरायली हमलों के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का दावा किया। ईरानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्धविराम समझौतों के कथित उल्लंघन के कारण यह कदम उठाया गया है। दूसरी ओर अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग सुरक्षित हैं।
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होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आमने-सामने आए ईरान और अमेरिका

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। लेबनान में इजरायल और हिजबुल्ला के बीच संघर्ष तेज होने के बाद ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया। इस घोषणा के तुरंत बाद अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समुद्री रास्ता खुला है और ईरान का इस पर कोई अधिकार नहीं है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए रास्ता

होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचती है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर तुरंत दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है।

ईरानी सैन्य बलों ने जारी की चेतावनी

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि मौजूदा हालात को देखते हुए जहाजों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। ईरानी पक्ष का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक समुद्री यातायात पूरी तरह रुकने की पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिकी सेना ने कहा- मार्ग पूरी तरह खुला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्ग पर निगरानी लगातार जारी है और जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार कई व्यापारिक जहाज इस मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा बनाए रखना और कारोबारी जहाजों की रक्षा करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

वार्ता की कोशिशों पर टिकी दुनिया की नजर

तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता भी चर्चा में है। दोनों देशों के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और युद्धविराम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। कतर और पाकिस्तान जैसे देशों की भूमिका भी मध्यस्थता के प्रयासों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

लेबनान संघर्ष ने बढ़ाई क्षेत्रीय चिंता

इजरायल और हिजबुल्ला के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने के आरोप लगा रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों के कारण पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों को झटका लगा है। इसी वजह से ईरान और अमेरिका के बीच बनी सहमति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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