पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, हालांकि इसे कानून बनने से पहले संसद, गार्जियन काउंसिल और राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस योजना के तहत जहाजों को ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा ‘रियाल’ में टोल देना होगा। इसके साथ ही अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों की एंट्री पर रोक लगाने का भी प्रावधान शामिल है।
ईरान के सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार, इस योजना में जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वित्तीय प्रबंधन जैसे अहम पहलुओं को भी शामिल किया गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब 28 फरवरी से ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच तनाव चरम पर है।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (जलडमरूमध्य) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। करीब 161 किलोमीटर लंबे इस स्ट्रेट का उपयोग पश्चिम एशिया के प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देश करते हैं। ऐसे में ईरान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना लागू होती है, तो वैश्विक बाजार में अस्थिरता और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
इसी बीच बेंजामिल नेतनन्याहू ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा जंग कब खत्म होगी, इसका कोई निश्चित समय नहीं बताया जा सकता। इससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जो भूमिगत और मजबूत ठिकानों को तबाह करने के लिए जाने जाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस डिपो में भारी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री रखी गई थी, जिसे निशाना बनाया गया।
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विश्लेषकों का मानना है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जिससे वैश्विक दबाव बनाया जा सके। इस फैसले का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, क्योंकि इस मार्ग से गुजरने वाले तेल और गैस पर कई देशों की निर्भरता है।