अमेरिका- इजरायल की धमकी पर ईरान का जवाब :हमारा भविष्य एपस्टीन फाइल्स तय नहीं करेगी

इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सेना के अनुसार, इन एयरस्ट्राइक में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हमारा भविष्य एपस्टीन फाइल्स तय नहीं करेगी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। उनके नाम का आधिकारिक ऐलान सोमवार तड़के ईरानी सरकारी टीवी पर किया गया। लंबे समय से मुजतबा को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, हालांकि उन्होंने अब तक कोई निर्वाचित या औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला है।

    इस फैसले के बाद ईरान की राजनीति में बयानबाजी भी तेज हो गई है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान का भविष्य किसी बाहरी ताकत या जेफ्री एपस्टीन के गिरोह से नहीं, बल्कि ईरानी जनता तय करेगी।

    ट्रंप और इजरायल ने ईरान को चेताया

    दरअसल, जहां ट्रंप पहले कह चुके थे कि उनके बिना ईरान नया सुप्रीम लीडर नहीं चुन सकता। वहीं इजराइल ने भी चेतावनी दी थी कि वह खामेनेई के उत्तराधिकारी को निशाना बना सकता है, जिसके बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। बता दें कि जेफ्री एपस्टीन एक कुख्यात यौन अपराधी था।

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    जिसके कई प्रभावशाली और हाई-प्रोफाइल लोगों से संबंध बताए जाते थे। अमेरिका में उससे जुड़े लाखों गोपनीय दस्तावेज सामने आए हैं, जिनमें कई बड़े नामों के साथ डोनाल्ड ट्रम्प का नाम भी शामिल बताया गया है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच कई बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं।

    संसद में बहस

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    खामेनेई ने 35 साल तक संभाली सत्ता

    ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में मौत हो गई। खामेनेई करीब 35 साल तक ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज रहे। उन्होंने 1989 में ईरान के पहले सुप्रीम लीडर रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद यह पद संभाला था। 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी की सत्ता को खत्म किया गया था, तब खामेनेई ने इस आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद वे धीरे-धीरे ईरान की सत्ता के सबसे प्रभावशाली नेता बन गए।

    दुबई ने 330 नागरिकों को सुरक्षित निकाला

    इजराइल ने दुबई में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है। दुबई से 330 इजराइली नागरिकों को लेकर पहली रेस्क्यू फ्लाइट सुरक्षित रूप से बेन गुरियन एयरपोर्ट पहुंच गई।
    इसके बाद एक और बोइंग विमान भी उतरने वाला है, जिसमें करीब 330 और यात्री सवार होंगे। इसके अलावा एक रेस्क्यू फ्लाइट दुबई से एथेंस के लिए भी रवाना की जाएगी, जिसमें वे इजराइली नागरिक होंगे जो ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण एक सप्ताह से अधिक समय से यूएई में फंसे हुए हैं।

    ईरान में इजराइल की एयरस्ट्राइक

    इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सेना के अनुसार, इन एयरस्ट्राइक में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। युद्ध की स्थिति में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान भी अमेरिका को लगातार चेता रहे है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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